रिटायरमेंट एक जिम्मेदारी

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रिटायरमेंट: एक जिम्मेदारी 

रिटायरमेंट: एक जिम्मेदारी?

आप निश्चित रूप से इस हेडिंग को पढ़ने के बाद सोच रहे होंगे कि मुझसे लिखने  में  कोई गलती  हुई है ।

क्योंकि, रिटायरमेंट तो खुद जिम्मेदारी से मुक्ति का नाम है ।

भला इसमें जिम्मेदारी कहां से आई और यदि यहां भी जिम्मेदारी है तो फिर रिटायरमेंट कैसा?

रिटायरमेंट एक जिम्मेदारी कैसे हो सकता है?

लेकिन दोस्तों गलत मैं नहीं,

गलत आप हैं।

हकीकत यह है कि, पूरी दुनिया यही सोचती है कि,

 जब कोई व्यक्ति किसी नौकरी से रिटायरमेंट होता है ,

तो इसका मतलब यह है कि वह आज के बाद से सभी जिम्मेदारियों से मुक्त हो रहा है।

जबकि यह पूरी तरह से झूठ है

या फिर गलत है

क्योंकि रिटायरमेंट के बाद की   हकीकत कुछ और ही है।

रिटायरमेंट के बाद की हकीकत 

रिटायरमेंट एक जिम्मेदारी,

हेडिंग को पढ़ने के बाद मुझे गलत कहने वालों को मैं,

विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए यह कहना चाहता हूँ कि,

रिटायरमेंट की हकीकत जिम्मेदारी से मुक्ति मिलना नहीं ,

बल्कि जिम्मेदारी को और भी   करीने से निभाने की हकीकत है।

रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी 

जहां तक ​​बात, रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी की है, 

तो वह है भविष्य निधि और ग्रेच्युटि की रकम को सही तरीके से,निवेश की जिम्मेदारी ।

या फिर सही तरीके से रिटायरमेंट के बाद मिली  इस रकम का  सावधानी पूर्वक  उपयोग करना है।

क्योंकि इसकी दो हकीकते हैं

पहली हकीकत यह कि आपने  खुद  बहुत कुछ सोच रखा होगा।

कि आप को भविष्य में रिटायरमेंट के बाद क्या-कैसे और कैसे करना है।

तो दूसरी सच्चाई या हकीकत यह है कि दूसरे भी बहुत कुछ सोचते होंगे कि आप रिटायरमेंट होंगे तो उन्हें क्या क्या लाभ होंगे? 

आपकी रिटायरमेंट के बाद मिली राशि के संदर्भ में

ध्यान रखें यहां, दूसरे का मतलब पड़ोसी या मुहल्ले वालों से नहीं है।

बल्कि यहां इसका अर्थ आपके बेटे और बहू से है।

इसका मतलब बेटी दामाद से है।

इसका मतलब आप की पत्नी से है।

इसका मतलब है आपकी अपनी पत्नी  से है।

इस पूरे प्रकरण को पढ़ने के बाद एक बुद्धिमान व्यक्ति,

सबसे पहले क्या करेगा? 

यदि इस प्रश्न का उत्तर तलाशें,

तो वह यह है कि एक समझदार व्यक्ति जो जल्द ही रिटायरमेंट हो रहा है,

वह अपनी भविष्य निधि और ग्रेच्युटि से मिले पैसों का बेहतर निवेश करेगा।।।

निवेश मगर कैसे? 

मनोवैज्ञानिक कहते हैं,

इस संसार का कोई भी व्यक्ति नहीं चाहता कि वह एक बेहतर बचत या निवेश न करे।

लेकिन सच्चाई यह है कि अधिकांश व्यक्ति कभी भी एक बेहतर निवेश नहीं कर पाते ।

लेकिन आप परेशान न हों,

यहां पर आज हम आपको वह  सब बता रहे हैं, जिसे पढने के बाद आपको जरूर लाभ होगा।

बस आप को हमारी चंद बातों का ख्याल रखना है ।

और फिर उन्हें अपनी रिटायरमेंट के बाद

 जिन्दगी की  हकीकत में उतारना होगा।।

निवेश का मूल सिद्धांत समझिए 

कई लोगों को यह पता होता है 

कि निवेश का एक सिद्धांत

“अधिक जोखिम अधिक लाभ” का होता है।

लेकिन आप यह गलती न करें

आप रिटायरमेंट हो रहे हैं, तो आप  को इस से दूर रहना चाहिए।

और कम जोखिम अधिक लाभ का सिद्धांत अपनाना चाहिए।

साथ ही साथ ध्यान दें, आप के लिए कोई लांग  टर्न नहीं सूट होगा।

क्योंकि आप खुद नहीं जानते

कि आप को कब और कितनी राशि की जरूरत भविष्य में पड़ सकती है ।

अन्य जरूरी बातें इस तरह याद रखें

आप रिटायरमेंट हो रहे हैं ।

●यह बात आप से अधिक आजकल बड़ी बड़ी निवेश कंपनियों को पता होती है ।

● इसलिए वह आप को टार्गेट करना चाहती हैं ।

● उनका एजेंट यह सब कड़ी मेहनत से आपके  लिए करता है ।

● क्योंकि उसे पता है कि एक बार आप जाल में फंस जाएंगे तो ज़िन्दगी भर के लिए आप अंडा देने वाली मुर्गी हैं।

● इसलिए आप सावधानी से वही कदम उठाएं जो,

● भयंकर वापसी चाहे न दें लेकिन कुछ न कुछ ज़रूर दें।

धन्यवाद

लेखक: केपी सिंह

19032018 

 

 

 

 

 

 

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