आपका एक लक्ष्य क्यों होना चाहिए?

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जीवन में “लक्ष्य” क्यों होना चाहिए? 

जीवन में लक्ष्य क्यों होना चाहिए?

यह प्रश्न किसी को भी पूछता है लेकिन ताजजब कि इसका उत्तर,

वो भी दे सकता है जो सर्व प्रथम लक्ष्य को भली-भन्ति जानता है,

और जीवन में लक्ष्य की महत्ता से भी परिचित है

क्योंकि लक्ष्य जीवन में इस प्रकार जरूरी स्थान है,

जैसे हम जीने के लिए हवा के पानी की जरूरत महसूस करते हैं

लक्ष्य को जानें 

लक्ष्य, जरूरत और आवश्यकता में अंतर होता है

ज़रूर हमें तत्काल किसी चीज की ज़रूरत है, तो ज़रूरत हमें कुछ समय के अंत में पूरा किया जाएगा।

लेकिन ज़रा गौर करें लक्ष्य पूर्ण जीवन की परिभाषा को स्वीकृत है।

लक्ष्य के बिना हम अपना जीवन कतिई अर्थपूर्ण नहीं बना सकते हैं।

तुम्हें पता है, कुछ लोग काम करते हैं कोई बड़ा काम करने के लिए

तो कुछ लोग काम करते हैं, बस काम करने के लिए

अक्सर लोग अपने लक्ष्य का पता नहीं करते हैं।

यह विडंबना नहीं तो और क्या है

लक्ष्य उत्प्रेरक है 

क्या तुमने कभी महसूस किया, जब हम किसी संकट में हैं,

या किसी जरूरी काम से कहीं जा रहे हैं

तो हमारे कदम बस यूं ही बहुत तेज़ पड़ते हैं,

लेकिन जब हम कभी बेफिक्री में टहलते घूमते हैं तो बहुत देर हो जाए जरा सी भी दूरी तय करने में

यह प्रयोग हमें बताता है कि अगर हम किसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए काम करते हैं,

तो न केवल हमें अंदर से प्रेरणा प्राप्त होनी चाहिए, लेकिन स्वयं ही हमारे कामों से उल्टे सीधे हो जाएंगे।

लक्ष्य जज़बा देता है

लक्ष्य यद्यपि हमें बहुत कुछ देता है,

लेकिन फिर भी जो सबसे प्राथमिक उपहार हमें लक्ष्य से मिलते हैं उनमें शामिल है जोजबा

जी हां, जजबा इंसान के भीतर पाई जाने वाली उस लौह ताकत का नाम है,

जो दम पर एक चींटी सच्चाई ने पहाड़ की तरह झूठी शक्ति से लोहा लिया है।

यदि आप किसी काम को करने की ललक, उत्साह और जोजबा नहीं रहे हैं

तो यकीन है कि आप की सफलता के बारे में संदेह है 

लक्ष्य सुकून और सफलता देता है 

लक्ष्य को सुकून और सफलता देता है पहले समझें फिर विचार करें।

जब हमारी जिंदगी में एक परिभाषित लक्ष्य होता है,

तो हमें जिंदगी में चलते चलते रहने और इसे सोचने की ज़रूरत नहीं है,

कि हम क्यों और कहाँ जा रहे हैं

यदि हम पास हमारा लक्ष्य मौजूद है तो हमें यह विरोध से मुक्ति या सुकून प्राप्त होगा।

हो रही बात सफलता की तो यह भला कौन जानता है,

कि अगर आप के पास सुकून और संतुष्टि मौजूद है,

तो तुम्हारे पास सफलता भी आने के लिए बड़ी बेसबरी से तैयार रहती है।

निष्कर्ष के रूप में यदि हम यह कहते हैं कि जब हम अपनी जिंदगी का सबसे जरूरी काम करते हैं,

समय से पूरा कर लेते हैं, अर्थात् एक लक्ष्य, उद्देश्य या मकसद ढूंढें,

तो हमें उसी क्षण जिन्दगी में सफलता की पहली खुश्बू मिली है।

धन्यवाद

लेखक: के पी सिंह

16032018

 

 

6 COMMENTS

  1. लक्ष्य का होना कितना आवस्यक है ,ये इस लेख में प्रमाणित हो जाता है। वैसे हम मनोस्थिति पर विचार करें तो, किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले , विचारों में लक्ष्य बनता है तभी हम उस कार्य को करने के लिए तैयार होते हैं। लेकिन उस कार्य से सम्बन्धित और भी लक्ष्य होते हैं जो चलायमान मन में कुलबुलाते रहते हैं। और, हमारी शक्ति बंट जाती है , लक्ष्य पर पूरा खरा नही उतर पाते हैं। अतः हमारा ध्येय पक्का ही होना चाहिए, पूरी कामयाबी के लिए।

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