एक वैज्ञानिक: दो नोबेल पुरस्कार

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एक वैज्ञानिक :दो नोबेल पुरस्कार

एक वैज्ञानिक के लिए केवल एक नोबेल पुरस्कार प्राप्त करना सपना होता है,

लेकिन इतिहास में एक ऐसी प्रतिभा ने भी जन्म लिया था,

जिसे एक नहीं दो-दो नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था ।

यह महा विलक्षण प्रतिभा कोई और नहीं बल्कि,

रेडियम की खोज करने वाली मैडम क्यूरी हैं ।

शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि मैडम क्यूरी का बचपन बेहद गरीबी में बीता था ,

लेकिन उन्होने हालात से हार न मानते हुए हालात को हराकर,

जो इतिहास रचा वह आज भी न भूतो न भविष्यति है ।

मैडम क्यूरी का जन्म

एक वैज्ञानिक दो नोबेल पुरस्कार की कहानी मैडम क्यूरी के जन्म से प्रारंभ होती है ।

मैडम का जन्म वारसा पोलैंड में हुआ था ।

क्यूरी बचपन से ही बेहद होशियार थीं ।

माता-पिता के प्रोत्साहन और पढाई में रुचि की वजह से वह शुरुआती कक्षाओं में हमेशा अव्वल आती थीं ।

लेकिन घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नही थी इसलिए उन्हें पढाई के लिए पेरिस अपनी बहन के पास जाना पड़ा था ।

बहन ने उनकी मदद की थी ।पेरिस में स्कूली शिक्षा के दौरान क्यूरी ने अपनी मेहनत के बल पर कई बार छात्र वृत्ति प्राप्त की थी ।

अद्भुत क्यूरी

क्यूरी फ्रांस में डाक्टरेट करने वाली पहली महिला थीं ।

इतना ही नहीं यह पेरिस विश्व विद्यालय में प्रोफेसर बनने वाली भी पहली महिला हैं ।

यहीं पर अध्ययन के दौरान उन्होने पियरे क्यूरी से शादी की थी ।

वैज्ञानिक दंपति के कारनामे

इस वैज्ञानिक दम्पति ने 1898 में पोलोनियम की खोज की थी ।

इस खोज के कुछ ही महीने बाद इनको रेडियम की खोज में भी सफलता मिली ।

इनकी इन खोजों से चिकित्सा विज्ञान में बेहद फायदा हुआ ।

सन 1930 में क्यूरी की पी एच डी पूरी हुई थी ।

पहला नोबेल पुरस्कार

सन 1903में इस दम्पति को भौतिक विज्ञान के लिए पहली बार नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था ।

वास्तव में यह पुरस्कार इन्हें इनकी खोज रेडियोएक्टिविटी के लिए दिया गया था ।

कमाल तो तब हुआ था जब 1911 में इन्हें दूसरी बार नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया ,

और वह भी रसायन विज्ञान के लिए ।

रेडियम के शुद्धिकरण आइसोलेशन  आफ प्योर रेडियम के लिए रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला ।

अद्वितीय क्यूरी

विज्ञान की दो शाखाओं में नोबेल पाने वाली पहली महिला हैं क्यूरी ।

हद तो यह है कि इनकी दोनों बेटियों को भी नोबेल पुरस्कार मिला है ।

बड़ी बेटी आइरीन को 1935 में तथा छोटी बेटी ईव को 1965 में नोबेल पुरस्कार मिला है ।

बड़ी बेटी को रसायन विज्ञान के लिए तो छोटी को शांति के लिए ।

मैडम क्यूरी का परिवार विश्व में अकेला ऐसा परिवार है जिसके सभी सदस्यों को नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ है ।

इतिहास की सबसे विलक्षण प्रतिभा की धनी क्यूरी का जन्म 7 नवंबर 1867 को तथा मृत्यु 4 जुलाई 1934 को हुई थी ।

अंतरराष्ट्रीय विश्व महिला दिवस के अवसर पर हमें,

इस बात को स्वीकारना होगा कि महिलाएं  अगर चाह लें तो वह कुछ भी कर सकती हैं ।

धन्यवाद

लेखक :

के पी सिंह किर्तीखेड़ा

08032018

 

 

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