जानिए जाति क्या है?

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जानिए जाति क्या है? 

जानिए जाति क्या है?

यह सवाल आप दुनिया के किसी भी देश के निवासी से यदि पूछेंगे तो शायद वह इसका जवाब न दे पाए ,

लेकिन यही सवाल जाति क्या है?

यदि भारत में रहने वाले किसी व्यक्ति से पूछेंगे तो वह न केवल आपको इसके बारे में बताएगा बल्कि,

जाते जाते बोनस की तरह अपनी खुद की जाति का नाम जरूर बता जाएगा ।

वास्तव में भारत में जाति का मतलब एक जाति मात्र नहीं है ,

बल्कि इसके आगे भी बहुत कुछ है ।

जाति क्या है यदि यह आपके मन में उठने वाला सवाल है तो

आइए, मेरे साथ आज मैं आपको विस्तार से बताने की कोशिश करता हूं ।

जाति शब्द का मतलब 

जानिए जाति क्या है?

के क्रम में आगे बढते हुए जब हम जाति शब्द के आशय का पता लगाते हैं ,

तो हमें पता चलता है कि जाति शब्द की उत्पत्ति का पता ,

सर्व प्रथम 1665 में ग्रेशिया डी ओरेटा नामक विद्वान ने किया था ।

इसके बाद फ्रांस के अब्बे डुबाय ने इस शब्द का प्रयोग प्रजाति के संदर्भ में किया था ।

जाति शब्द अंग्रेजी के कास्ट caste का हिन्दी रूपांतरण है ।

जबकि अंग्रेजी के कास्ट शब्द की उत्पत्ति पुर्तगाली भाषा के casta  शब्द से हुई है।

अंग्रेजी के कास्ट या पुर्तगाली के कास्टा का अर्थ है प्रजाति, नस्ल या वर्ग ।

इस अर्थ में जाति प्रथा प्रजातियों या जन्मजात भेद के आधार पर बनी एक अतार्किक, अमानवीय, ,अप्रासंगिक व्यवस्था है ।

भारतीय संदर्भ और जाति 

ध्यान देने की बात है कि जो जाति, पूरी दुनिया में प्रजाति भेद का सूचक है ।

वही जाति भारत में जन्म या वंश का सूचक है ।

अर्थात भारत में जाति का मतलब वंश, कुल, गोत्र आदि से है ।

हलांकि जाति के तर्क कतई वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं करते ,

बावजूद इसके भारत में जाति का बोलबाला है ।

भारत में लोकतंत्र भी काफी हद तक जाति के बलबूते ही चलता है ।

यानी आप कह सकते हैं कि भारत में जाति ,

भी न होते हुए भी बहुत कुछ थी, है और रहेगी ।

जाति की विशेषताएं 

डाक्टर गोविंद सदाशिव घुरिए ने जाति की 6 विशेषताएं बताई हैं ।

जिनका वर्णन इस प्रकार है

●नागरिक एवं धार्मिक निर योग्यता एवं विशेषाधिकार ।

●पेशे के अप्रतिबंधित चुनाव का अभाव 

●संस्तरण ।

●समाज का खंड खंड विभाजन ।

●विवाह संबंधी प्रतिबंध ।

●भोजन तथा 

●सामाजिक सहवास पर प्रतिबंध ।

जाति की कुछ खास परिभाषाएं 

“जाति एक बंद वर्ग है।”

यह परिभाषा मजूमदार एवं मदन ने दी है

“जाति एक अमानवीय सामाजिक वर्ग है जिसमें ,

मनुष्यों का जन्म होता है ।और जिसे वे बड़ी कठिनाई से ही छोड़ सकते हैं ।”यह परिभाषा लुनड बर्ग ने दिया है ।

जाति का मतलब भारत में क्या है ,

इसे समझना बेहद जरूरी है वर्ना जाति और जाति प्रथा कम से कम भारत में जीना तो मुश्किल कर ही देंगे ।

धन्यवाद

लेखक : के पी सिंह

16032018 

 

 

 

 

 

 

 

6 COMMENTS

  1. बहुत ही ज्ञानबर्धक लेख लिखते है आप में आप का fan हो गया हूं।

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