नेल्सन रोलिह लाहला मंडेला

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      नेल्सन रोलिह               लाहला मंडेला 

नेल्सन रोलिह लाहला मंडेला इनका वास्तव नाम है ।

लेकिन दुनिया इस नाम की बजाय इनका प्रसिद्ध नाम नेल्सन मंडेला ही जानती है ।

उमताता ट्रांसकेई में इनका जन्म 19 जुलाई 1918 को दक्षिण अफ्रीका में हुआ था ।

इनकी माता का नाम नोसेकेनी फेनी था ।

यह मंडेला के पिता की तीसरी पत्नी थीं ।इनके पिता का नाम हेनरी एम गडला था ।

 

जीवन के उल्लेखनीय तथ्य 

नेल्सन मंडेला के पिता हेनरी गडला के चार पत्नियां 12 पुत्र थे ।

नेल्सन की मां पूरी तरह निरक्षर थीं ।

इनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालय में हुई थी ।

जब नेल्सन मंडेला की उम्र केवल 10 वर्ष थी, तब उनके पिता का देहांत हुआ था ।

पिता की मृत्यु के बाद उनके पिता के भतीजे चीफ गोंजितावा ने इनकी शिक्षा को आगे बढ़ाने का काम किया था ।

नेल्सन ने 10 वर्ष की उम्र में ही इतिहास ,भूगोल और अंग्रेजी में होशियार हो गए थे ।

बचपन से ही मंडेला की इच्छा वकील बनने की थी ।

क्लार्क बरी के प्राईमरी के विद्यालय एवं इसके बाद होल्ड टाउन के विद्यालय में नेल्सन की पढ़ाई जारी रही ।

मंडेला काले लोगों के लिए बने सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की थी।

शनिवार  की छुट्टी के दिन मंडेला 7 किलोमीटर पैदल चलकर पास के गांव से चिप्स और मछली खरीद कर लाते थे ।

मंडेला ने 1938 में बी ए की डिग्री प्राप्त करने के लिए होल्ड टाउन के नजदीक फोर्ट हेयर के साउथ अफ्रीकन नेटिव कॉलेज में प्रवेश किया था ।

अध्ययन के दौरान उनकी मुलाकात ओलिवर टेमबू से हुई ।

जो मंडेला का आजीवन मित्र रहा ।

जीवन की राहों में मंडेला 

23 वर्ष की उम्र में 1941 में मंडेला माइन पुलिस मैन बनकर जोहानिसबर्ग आ गए थे ।

1942 में मंडेला अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस में शामिल होकर राजनीति में प्रवेश किया ।

1944 में मंडेला का विवाह इवलेन मास नामक नर्स से हुआ ।

भारत रत्न मंडेला 

मंडेला को भारत सरकार ने 1990 में भारत रत्न पुरस्कार प्रदान किया था ।

1948 में मंडेला लोकप्रिय व्यक्ति बनकर तब उभरे थे जब येअफरीकन नेशनल कांग्रेस के महासचिव चुने गए ।

मंडेला 1951 में अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस के यूथ लीग अध्यक्ष चुने गए थे ।

रंग भेद का विरोध करने वाले लोगों की  सहायता करने के उद्देश्य से मंडेला नैनो एक कैम्प बनाया जिसके लिए उन्हें जेल हो गई थी ।

सजा यद्यपि लघु अवधि की थी लेकिन इस के बाद मंडेला पर तरह-तरह के प्रतिबंध लगने लगे थे ।

इसी दौरान मंडेला ने अटार्नी की परीक्षा पास की ।

1956 में मंडेला को 156 लोगों के साथ इनको भी जेल में डाल दिया गया था ।

1958 में विनी मंडेला के साथ उन्होने दूसरी शादी की थी ।

रंग भेद के खिलाफ लड़ने के लिए 1961 में मंडेला के नेतृत्व में उमखोतो वी सिजवी नामक दल बना था ।

1962 में मंडेला ने गुप्त रूप से दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया था ।

वे अल्जीरिया चले गए थे ।

यहीं इन्होने मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी ।

जब वे लंदन होते वापस अपने देश लौटे तो उन्हें अपना देश छोड़कर जाने के लिए पांच साल की कैद हो गई ।

इसके बाद मंडेला के तेवर देखते हुए  वहां की सरकार ने उन्हें 27 साल जेल में बिताने को विवश कर दिया ।

मंडेला ने कुल 18 साल रोबिन आइसलैंड की जेल में बिताए थे ।

इसके बावजूद उन्हें पाल्स मोर प्रिजन केपटाउन में स्थानांतरित कर दिया गया था ।

1982 में रिलीज मंडेला नामक अभियान चल रहा था ।

इसके बाद अंततः 11 फरवरी 1990 को मंडेला को रिहा किया गया ।

मंडेला को 1993 में जे क्लार्क के साथ नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था ।

1994 में मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले राष्ट्र पति बनाए गए थे ।

मंडेला को 50 से ज्यादा विश्व विद्यालय मानद उपाधि दे चुके हैं ।

मंडेला पूरी दुनिया के लिए धैर्य संघर्ष और सफलता के प्रतीक हैं ।

जो हमारे साथ तब भी थे आज भी हैं ।

 

धन्यवाद

लेखक :केपी सिंह

28032018

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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