स्टीफन हॉकिंग कुछ खास तथ्य

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स्टीफन हॉकिंग कुछ विशेष तथ्य

महान साइंटिस्ट स्टीफन होकिंग ने अपनी आखिरी सांस ली

स्टीफन हॉकिंग कुछ विशेष तथ्य 

स्टीफन हॉकिंग कुछ विशेष तथ्य नामक इस लेख में,

इस महान वैज्ञानिक की मृत्यु का महिमा मंडन जानबूझकर करने का हमारा इरादा  नहीं है।

इसीलिए हम यहां पर दुनिया से कुछ अलग हैं यानी अलग तरह से हॉकिंग  के बारे में बता रहे हैं।

महान वैज्ञानिक स्टीफन होकिंग को याद करना इसलिए आवश्यक नहीं है कि वह एक महान वैज्ञानिक हैं, बल्कि उन्हें याद करने के लिए एक विशेष कारण है।

जीवन के प्रति उनकी जिजीविषा कबीले तारीफ़ है।

वे सदैव इस लिए याद करते हैं कि वे एक तरफ मानवता के विकास के लिए सार्वजनिक काम किया है,

तो वहीं दूसरी ओर जीवन का प्रति उनका अविश्वसनीय विश्वास,

 हम उन से कुछ सीखने के लिए बाध्य करता है, और करते रहेंगे।

 

तथ्यों का आइने में हॉकिंग 

● महान ब्रिटिश भौतिकशास्त्र वैज्ञानिक स्टीफन होकिंग ने 76 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा है

● 14 मार्च 2018 को सैद्धांतिक भौतिक विज्ञान के वैज्ञानिक हॉकिंग ने अपनी आखिरी सांस ली।

● दुनियाभर में होकांग की प्रसिद्धि विश्व की रहस्योद्घाटन से पर्दा हटाना कारण है 

● ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी में सफलता प्राप्त करने के लिए भी स्टीफन होકિંગ की प्रसिद्धि के कारणों में शामिल हैं इन दोनों में उनकी प्रशंसात्मक भूमिका है

● उनके अनुसार ईश्वर ने विश्व की रचना नहीं की है। उनका मानना ​​था कि ब्रह्मांड की रचना स्वयं हुई है।

 

 

 

● हॉकींग के संतानों के नाम हैं लुसी, रॉबर्ट और टिम

● हॉकिंग अंतिम सांस कैंब्रिज में ली

● 8 जनवरी 1 9 42 को ब्रिटेन के ऑक्सफ़ोर्ड में होकिंग का जन्म हुआ।

● 14 मार्च 2018 को सैद्धांतिक भौतिक विज्ञान के वैज्ञानिक हॉकिंग ने अपनी आखिरी सांस ली।

● दुनियाभर में होकांग की प्रसिद्धि विश्व की रहस्योद्घाटन से पर्दे हटाने के कारण हो रही है

● ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी में भी उनकी प्रशंसात्मक भूमिका रही है 

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जीवन की राहों में स्टीफन हॉकिंग

आठ जनवरी 1 9 42 को ऑक्सफ़ोर्ड इंग्लैंड में महान सिद्धांतिक भौतिकी के वैज्ञानिक स्टीफन होकिंग को पढने की अनुमति मिली थी ।

● 1 9 5 9 में कैम्ब्रिज विश्व विद्यालय से पीएचडी की पढ़ाई पूरी हुई।

● 1 9 63 में, दुर्लभ मोटर न्यूरॉन डिजीज से यह ग्रस्त हैं , इस बात का पता चला।

● तब वैज्ञानिकों ने कहा था कि इनकी आयु दो वर्ष से अधिक नहीं बची लेकिन 

●अपनी जिजीविषा और इच्छाशक्ति की वजह से हॉकिंग  आज तक जीवित रहे।

● इन्होंने 1 9 74 में बताया  था कि ब्लैक  हॉल हॉकिंग रेडिएशन का उत्सर्जन करते हैं ।

● 1 9 7 9 में यह कैम्ब्रिज में गणित के लुकेशिन प्रोफेसर बने।

● आइजक  न्यूटन के बाद यह पद संभालने  वाले यह  दूसरे  व्यक्ति हैं।

● 1988 में “अ ब्रीफ इतिहास का समय” इनकी पुस्तक प्रकाशित हुई।

● इस पुस्तक की  1 करोड़ प्रतियां बिकीं यह अपने-आप में एक रिकॉर्ड था ।

● पिछली सदी के आखिरी दशक में इन्हें नाइट हुड पुरस्कार देने का प्रस्ताव दिया गया था।

● लेकिन इन्होंने  सरकार के इस प्रस्ताव को इस कारण से ठुकरा दिया था क्योंकि विज्ञान के क्षेत्र में सरकार ने पर्याप्त धन मुहैया नहीं कराया था ।

● 1 9 63 में, दुर्लभ मोटर न्यूरॉन डिजीज से यह ग्रस्त हैं , इस बात का पता चला।

● तब वैज्ञानिकों ने यह कहा था कि उनकी उम्र अब दो साल से अधिक का आंकड़ा कभी पार नहीं करेगी । 

● अपनी जिजीविषा और इच्छाशक्ति की वजह से आज तक जीवित रहे।

● 1 9 7 9 में यह कैम्ब्रिज में गणित के लुकेशिन प्रोफेसर बने।

● आइज़िकल न्यूटन के बाद यह पद संभालना पहले व्यक्ति है

● 1988 में “अ ब्रिफ इतिहास का समय” इनकी पुस्तक प्रकाशित हुई।

● इस पुस्तक का 1 करोड़ प्रतियां बिकनी

● पिछली सदी के आखिरी दशक में इन्हें नाइट हुड पुरस्कार देने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन इन सरकारों ने इस प्रस्ताव को इस कारण से ठुकरा दिया था क्योंकि कि विज्ञान के क्षेत्र में  सरकार पर्याप्त धन मुहैया नहीं कर रही थी।

स्टीफन होकिंग एक सितारा 

पूरे विश्व को चांद, सितारों, विश्व मार्ग और खगोल विज्ञान की गूढ़ रहस्यों को समझाना महान वैज्ञानिक स्टीफन होकिंग आज खुद एक सितारा बन गए हैं।

इस महान वैज्ञानिक की विशेषता यह भी है कि यह दुनिया के कई गुटिथों को सुलझाया गया है, जिनके बारे में पहले या तो कोई मान्यता नहीं है या दुनिया में गलत धारणा पाले था।

● 21 वर्ष की आयु में स्टीफन होकिंग का पूरा शरीर स्नायु रोग का शिकार हो गया है

● स्टीफन होकिंग जिस विधि से बात करते हैं वो सिंटैसाइज़र सिस्टम कहते हैं।

● द ग्रैंड डिज़ाइन बुक में होकींग ने लिखा है कि विश्व के रचनाकारों ने स्वयं मिल चुका है

● इसी तरह सौर मंडल के बारे में भी उनका कहना है कि हमारे सौर मंडल में कई सूर्य हैं 

इस महान वैज्ञानिक की विशेषता यह भी है कि यह दुनिया के कई गुटिथों को सुलझाया गया है, जिनके बारे में या तो लोगों को कुछ पता नहीं था या फिर सब कुछ गलत पता था।

● 21 वर्ष की उम्र में स्टीफन होकिंग का पूरा शरीर स्नायु रोग का शिकार हो गया 

● इस ग्रैंड डिज़ाइन बुक में हॉकिंग ने लिखा है कि यूनिफ़ॉर्म की रचना खुद से हुई है।

● इसी तरह सौर मंडल के बारे में भी उनका कहना है कि हमारे सौर मंडल यूनीक नहीं बल्कि समान प्रकार हैं और   हैं।

हॉकिंग का पहला सफलता 

● हॉकिंग को अपनी ज़िंदगी की पहली सफलता तब मिली जब हॉकिंग और रोजर पनरोज में मिलकर विश्वविद्यालय में ब्लैक होल का गणित लगाया गया था

● इस क्षेत्र में उनका मूल योगदान 1980 तक जारी रहेगा।

● 1982 में उन्होंने बताया कि क्वांटम उतार-चढ़ाव में आकाशगंगाओं के विस्तार में वृद्धि हो सकती है।

● स्टीफन हो किंग की किताब जो 1988 में प्रकाशित हुई, उसने गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना रिकॉर्ड दर्ज किया है।

कुछ इटाफाक  

अल्बर्ट आइंस्टीन के बाद इस समय दुनिया में सबसे प्रसिद्ध भौतिकशास्त्रज्ञ स्टीफन होकिंग और ईंस्टीन के साथ कुछ अद्भुत संयोग भी देखे गए हैं।

● जिस दिन होकिंग की मृत्यु हुई उसी दिन से 14 मार्च 1879 में जर्मनी में अस्तियन पैदा हुआ था।

● आइंस्टीन के साथ ही हो सकता है कि किंग के नाटा गैलीलियो से भी देखा जा सकता है क्योंकि उस दिन गैलीलियो की मृत्यु हुई थी उसी दिन 300 साल बाद होकिंग का जन्म हुआ था।

अफसोस एक ऐसा भी 

होकिंग को दुनिया भर के पुरस्कार मिले हैं, लेकिन उन्हें कभी नोबल पुरस्कार नहीं मिल सकता है।

इसका अफसोस हर हॉकींग की चाहने वाला और आगे भी रहना होगा

ब्रिटेन के महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने जून 1989 में उन्हें कैंपियन आनन्द से सम्मानित किया था

उन्हें  अल्बर्ट आइंस्टीन एवरर्ड, वूलफ प्राइज, कॉपिली मेडल और फंडामेंटल फिजिक्स प्राइज से भी सम्मानित किया गया है।

धन्यवाद

लेखक: के पी सिंह

15032018 

6 COMMENTS

  1. मै ईन के हो से प्रेरणा पाया था
    मै मानता हूं कि व्यकति अपने इच्छानूसार
    जीवन जी सकता है

  2. बहुत ही ज्ञान वर्धक लेख है।प्रेरणा देता है कि मनुष्य अक्षम होते हुए भी इच्छानुसार जीवन जी सकता है।

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