स्वामी विवेकानंद कुछ तथ्य कथ्य

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स्वामी विवेकानंद   कुछ तथ्य कथ्य  

स्वामी विवेकानंद  कुछ तथ्य कथ्य का आशय क्या है?

अगर आप यह सोचते हैं कि मैं आपके ज्ञान के भंडार को बढाना चाहता हूं ,

तो यह सही नहीं है ।

मेरे  इस लेख का आशय महज विवेकानन्द जी की कहानी बताना भी नहीं है ।

बल्कि मैं आप सबका आह्वान करना चाहता हूं कि आइए ,

विवेकानंद  कुछ तथ्य कथ्य  से  कुछ ऐसा सीखें ,

जिससे विवेकानंद जी के जीवन संघर्ष की सार्थकता सिद्ध हो सके ।

जीवन पट

●जन्म :12 जनवरी 1863 मकर संक्रांति। 

●जन्म स्थान :कोलकाता शहर सिमुलिया पल्ली। 

●नाम :नरेन्द्र नाथ दत्त

●माता-पिता : श्री मती भुवनेश्वरी देवी एवं विश्व नाथ दत्त ।

●1881 :ईश्वर चंद्र विद्यासागर विद्यालय में दाखिला ।

●1881 राम कृष्ण देव का प्रथम दर्शन ।

●1884 बी ए की परीक्षा दी  और इसी वर्ष पिता का निधन ।

●1886 : राम कृष्ण देव की महा समाधि।

सन्यास ग्रहण 

 

●1887: वाराह नगर मठ में सन्यास ग्रहण किया ।

●1888: में भारत परिक्रमा प्रारंभ,, यह चार वर्ष दीर्घ रही ।

●1892:25/27 दिसम्बर कन्याकुमारी में श्री पादशिला पर ध्यान ।

●पश्चिम की ओर जाने का संकेत ।

जीवन की राहों पर 

●1893 : मई 31 को विश्व धर्म सभा अमेरिका के लिए प्रस्थान किया ।

●1893 में 30 जुलाई को शिकागो पहुंचे

●11 सितम्बर 1893 शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन का उद्घाटन ।

●यहीं पर विश्व विख्यात भाषण दिया ।

●27 सितंबर तक चली सभा मे कुल 12 भाषण दिया ।

इंग्लैंड रवाना 

●1895:अमेरिका से वेदांत प्रचार हेतु इंग्लैंड रवाना ।

●1895 इंग्लैंड में ।

●1896 : न्यूयार्क फरवरी में वेदांत सोसायटी की स्थापना और विख्यात भाषण दिया ।

●1896 :15 अप्रैल न्यूयॉर्क से पुनः इंग्लैंड रवाना ।

●1897:15 जनवरी कोलंबो में अवतरण विशाल स्वागत ।

●1897 :16 जनवरी पवित्र भूमि भारत विषय पर भाषण ।

●1897 :6फरवरी चेन्नई में आगमन भव्य स्वागत ।

●1897 कोलकता 20 फरवरी कोलकाता आगमन 28 को विशाल स्वागत ।

राम कृष्ण मिशन की स्थापना 

●1897 मई 1 विश्व कल्याण हेतु राम कृष्ण मिशन की स्थापना ।

●1897 6 मई अल्मोड़ा प्रस्थान ।

●13 नवंबर 1898 कोलकाता बाग बाजार में निवेदिता बालिका विद्यालय की स्थापना ।

●9 दिसंबर 1898 बेलूर मठ की स्थापना ।

●20 जून 1899 कोलकाता से जहाज द्वारा द्वितीय पश्चिम यात्रा ।

●9 दिसंबर 1900 बेलूर वापसी ।

●27 दिसंबर 1900 मायावती यात्रा 24 फरवरी बेलूर वापसी ।

●18  मार्च 1901 मां को लेकर पूर्व बंगाल ढाका

एवं असम कामाख्या, शिलांग प्रवास ।

मई में बेलूर वापसी।

● 1901 अक्टूबर में दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा, काली पूजा ।

●1902 जनवरी में बोध गया दर्शन और काशी धाम यात्रा ।

●1902 बेलूर मठ वापसी ।यहां पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया ।

●1902 जुलाई 4 शुक्रवार रात्रि 9:10 को बेलूर मठ में महा समाधि ।

 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 02042018

 

 

 

 

 

 

 

 

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