इन्टरनेट के लिए जरूरी उपकरण

5
25

इन्टरनेट के लिए जरूरी उपकरण 

इन्टरनेट के लिए जरूरी उपकरण

इन्टरनेट के लिए जरूरी उपकरण जानने के पहले हमने यह जाना था कि इन्टरनेट क्या होता है ?

इन्टरनेट का मालिक कौन होता है ?

भारत में इन्टरनेट की शुरुआत कैसे हुई? आदि आदि ?

आज इसी क्रम में आइए जानते हैं कि इन्टरनेट के लिए जरूरी उपकरण कौन कौन से होते हैं? 

इन्टरनेट के लिए   जरूरी उपकरणों का विवरण इस प्रकार है :

●पीसी यानी personal computer

●मोडेम modem

●संचार माध्यम, टेलीफोन लाइन या विशेषीकृत लाइन या वायरस लेस तकनीक ।

●इन्टरनेट साफ्टवेयर वेब ब्राउजर

●इन्टरनेट सर्विस प्रदाता ।

इन्टरनेट सेवा प्रदाता को निर्धारित शुल्क देकर इन्टरनेट खाता, यूजर नेम तथा पासवर्ड प्राप्त किया जाता है ।

यूजर नेम इन्टरनेट से जुड़ने के लिए तथा पासवर्ड सुरक्षा और गोपनीयता के लिए आवश्यक है ।

वेब ब्राउजर

यह एक अप्लीकेशन साफ्टवेयर है जो वर्ल्ड वाइड वेब से सूचना तथा डाटा प्राप्त करने ,

तथा उसे उपयोग कर्ता के कम्प्यूटर पर प्रदर्शित करने का काम करता है ।

इसे वेब सर्च इंजन भी कहा जाता है ।

यह सर्फिंग करते समय उपयोग कर्ता को सूचना प्राप्त करने में सहायता करता है ,

तथा समय की बचत भी करता है ।

यह पूर्व में प्रयोग किए गए इन्टरनेट साइट का विवरण रखता है ,

तथा डाटा को डाउनलोड करने की सुविधा भी प्रदान करता है ।

वर्ल्ड वाइड वेब से सूचना प्राप्त करने के लिए वेब ब्राउजर पर uniform resources identifier डाला जाता है ।

कुछ प्रचलित वेब ब्राउजर इस प्रकार हैं :Internet Explorer .

netscape navigator.

Mozilla fire fox.

Apples safari.

Google Chrome.

Opera. 

वेब सर्वर

वह कम्प्यूटर जो वेब पेज को  भंडारित करता है ,

तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य कम्प्यूटरों के अनुरोध पर ,

उन्हें वेब पेज उपलब्ध कराता है उसे वेब सर्वर कहा जाता है ।

मोडेम modem

यह  modulator demodulator का संक्षिप्त नाम होता है ।

कम्प्यूटर डिजिटल संकेत उत्पन्न करता है जबकि संचार माध्यम पर केवल एनालॉग संकेत भेज सकता है ।

मोडेम वह युक्ति है जो कम्प्यूटर के डिजिटल संकेतों को एनालॉग संकेत में बदलकर ,

संचार माध्यम पर भेजता है

तथा आने वाले एनालॉग संकेतों को डिजिटल संकेतों में बदलकर,

कंप्यूटर के प्रयोग के योग्य बनाता है ।

मोडेम को सिस्टम यूनिट के कम्युनिकेशन पोर्ट से  जोड़ा जाता है । मोडेम को कम्प्यूटर तथा संचार माध्यम के बीच जोड़ा जाता है ।

मोडेम के प्रकार

बाह्य रचना के आधार पर मोडेम दो प्रकार के  होते हैं ।

1 आंतरिक मोडेम, इसे सिस्टम यूनिट के अंदर स्थापित किया जाता है ।

2 बाह्य मोडेम इसे सिस्टम यूनिट के बाहर स्थापित किया जाता है ।

रोचक तथ्य

WWW का आविष्कार 1989 में स्विट्जरलैंड के टिम बर्नर ली ने किया था ,

WWW पर दिए जाने वाले host name तथा domain name केस सेंसिटिव नहीं होते ।

अर्थात उन्हें बड़े अक्षरों तथा छोटे अक्षरों किसी में भी टाइप करने पर समान वांछित परिणाम प्राप्त होता है ।

WWW पर किसी भी सूचना को प्राप्त करने के लिए वेब सर्च इंजन पर उस सूचना को खोजने का अनुरोध किया जाता है ।

सर्च इंजन इसके परिणाम की एक सूची प्रदर्शित करता है जिसे हिट्स कहा जाता है ।

धन्यवाद

लेखक :

के पी सिंह “किरतीखेड़ा”

07032018

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

5 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here