भारत में इन्टरनेट की शुरुआत कैसे हुई?

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भारत में इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई?

भारत में इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई? 

भारत में इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई?

इस प्रश्न का उत्तर जितना महत्वपूर्ण है

आज उससे अधिक आकर्षक प्रश्न यह है कि

भारत आज  दुनिया में सबसे अधिक

इंटरनेट सेवा का उपयोग करने वाले देशों की

सूची में अग्रिम पंक्ति पर कायम है। 

जहां तक ​​भारत में इंटरनेट की शुरुआत कैसे  हुई का सवाल है  तो भारत में इंटरनेटकी शुरुआत हुई 80 के दशक में ।

भारत में इन्टरनेट की शुरुआत तब से मानी जाती है,

जब ईआरएनटी यानी एजुकेशन एंड रिसर्च नेटवर्क के माध्यम से ,

भारत में पांच प्रमुख संस्थानों को जोड़ा गया।

बाद में राष्ट्रीय इंफर्मेटिकस सेंटर द्वारा देश के सभी जिला मुख्यालयों को प्रशासनिक सुविधा के लिए जोड़ा गया था।

जनता के लिए इंटरनेट की सुविधा भारत में 15 अगस्त 1995 से मानी जाती है।

इसकी शुरुआत तब मानी जाती है जब वीएसएनएल ने इसे  प्रारंभ   किया था।

संचार नेट नामक सार्वजनिक नेटवर्क के तहत कुल 42 नोड की स्थापना की गई थी।

निजी सेवा प्रदाता के लिए भारत में इंटरनेट का क्षेत्र 1999 में खोला गया था।

फलस्वरूप दिन प्रतिदिन बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक जंग की मदद के लिए आज भारत में  इन्टरनेट की   खेती पूरी तरह से लहलहा रही है।

दिलचस्प तथ्य 

मोबाइल  सॉफ्टवेयर इंटरनेट का पहला सफल सॉफ्टवेयर है।

जिसका विकास “मार्क एंडरसन” ने किया था।

भारत में इंटरनेट सेवा शुरू करने वाली पहली कंपनी वीएसएनएल अर्थात् “विदेश संचार निगम लिमिटेड” में है।

भारत में इंटरनेट सेवा शुरू करने वाली पहली निजी क्षेत्र की कंपनी का नाम “सत्यम इन्फो वे” है,

जिसने अपनी शुरुआत 1998 में की थी।

एमटीएनएल की ब्रॉडबैंड सर्विस का नाम “ट्राई बैंड” है बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सर्विस का नाम “डेटा वन” है

भारत में इंटरनेट सेवा प्रदाता 

भारत में इन्टरनेट की शुरुआत कैसे हुई इस तथ्य को जानने के बाद भी जानना कम महत्वपूर्ण नहीं है

भारत में इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने वाले कुछ प्रमुख कंपनियां इस प्रकार हैं 

विदेश संचार निगम लिमिटेड वीएसएनएल

¤महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड 

¤भारत संचार निगम लिमिटेड 

मिंटत्र आन लाइन आदि।

भारत में वर्तमान में इंटरनेट माध्यम के रूप में हम पीएसटीएन यानी पब्लिक स्विच टेलीफोन नेटवर्क और आईएसडीएन का नाम ले सकते हैं।

यह एक विशिष्ट लाइनों से इंटनेट सेवा प्रदान करने वाली युक्ति है।

दिलचस्प तथ्य 

दिलचस्प तथ्य जानिए 

भारत में इंटरनेट का शुरूआत कैसे हुआ, तो हम जान गए लेकिन

आइए अब यह जानने के लिए प्रयास करें कि इस सेवा के लिए आवश्यक उपकरण कौन सा हैं

ये हैं -पीसी यानी पर्सनल कंप्यूटर

माडेम मोदन

संचार माध्यम, टेलीफोन लाइन या विशेष लाइन या वायरलेस तकनीक

इंटरनेट सॉफ़्टवेयर या वेब ब्राउजर

इंटरनेट सेवा प्रदाता यानी आईएसपी यानी इंटरनेट सेवा प्रदाता

इंटरनेट सेवा प्रदाता को निर्धारित शुल्क से इंटरनेट कनेक्शन, उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड प्राप्त हो सकते हैं

लॉगिन नाम और पासवर्ड सुरक्षा और गोपनीयता के लिए बेहद जरूरी है

इन्टरनेट का मालिक कौन है 

भारत में इंटर नेट की शुरूआत कैसे हुई यह जानने के बाद

 आप के मन में अब यह सवाल उठता होगा  कि आखिर यह विश्व व्यापक इंटरनेट मालिक कौन है?

तो चलिए आज आप की इस इच्छा को भी पूरा किया जा रहा है कि इन्टरनेट का मालिक कौन है?

तो सबसे पहले आपको पता है कि इन्टरनेट सूचना तंत्र वास्तव में किसी व्यक्ति या किसी संस्था के नियंत्रण से परे है

अर्थात इसका कोई व्यक्ति या एक संस्था मालिक नहीं है

लेकिन इन्टरनेट की कार्यप्रणाली की देखरेख और उनके अंतर्राष्ट्रीय मानकों को निर्धारित महत्वपूर्ण कार्य कुछ अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हैं।

यह इंटरनेट पर IPADDRESS और डोमेन नाम प्रदान करना है

इस तरह के कुछ प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों में निम्नलिखित हैं:

राष्ट्रीय विज्ञान नींव यह इंटरनेट तकनीकी मानकों का निर्धारण करता है।

नाम और संख्या के लिए Icann internat निगम यह आई पी एड्रेस और डोमेन नाम सिस्टम का मानक निर्धारित करता है।

इसके अलावा इन्टरनेट इंजीनियरिंग टास्क फोर्स और इंटनेट आर्किटेक्चर बोर्ड भी महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं।

निष्कर्ष 

उद्धरण की तरह से हम यह कह सकते हैं कि इन्टरनेट की शुरुआत यद्यपि भारत में कुछ देर हुई थी

लेकिन आज भारत के इस क्षेत्र में कोई सानी नहीं है।

भारत में इन्टरनेट की शुरुआत से लेकर आज तक यह निरंतर वृद्धि हो रही है ,

जो इस बात का संकेत है कि

आने वाले समय में भारत में इंटरनेट का और भी व्यापक और बेहतर विकास होगा

धन्यवाद

लेखक: के पी सिंह

28022018 

 

 

 

 

 

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