भारत भूमि और उसके निवासी

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भारत भूमि और उसके निवासी भाग 1

भारत भूमि और उसके  निवासी आइए बात  करें, का तात्पर्य यह है कि, 

इस लेख में हम अपने देश, व इसके निवासियों के बारे में बात करेंगे।

तो आइए इस क्रम में सबसे पहले हम इन चंद लाइनों पर गौर करें,

“भारत मानव जाति का पालना, मानव भाषा की जन्म स्थली,

इतिहास की जननी, पौराणिक कथाओं की दादी और परम्परा की परदादी रहा है।

मानव इतिहास में हमारी सर्वा मूल्यवान और सर्वाधिक, 

शिक्षा प्रद सामग्री का खजाना केवल भारत में निहित है।”

जी हां दोस्तों, यह भारत के बारे में विस्तार से और लाजवाब  बात कहती खूबसूरत टिप्पणी,

यह दुनिया की बहुत खास सख्सियत मार्क ट्वेन की है। 

भारत का सामान्य परिचय 

भारत अद्भुत, अद्वितीय सभ्यता, संस्कृति साथ ही मान्यताओं और परम्पराओं वाला देश है।

इसकी वर्तमान प्रासंगिक विषेताएं इस प्रकार हैं।

🔴भारत का क्षेत्रफल 3287263 वर्ग किलोमीटर है।

🔴आकार की दृष्टि से भारत विश्व का सातवां व

जनसंख्या की दृष्टि से भारत विश्व का दूसरा देश है।

🔴इसके उत्तर में विशाल हिमालय है तो पूर्व में

बंगाल की खाड़ी पश्चिम में अरब सागर के बीच हिंद महासागर है।

🔴उत्तरी गोलार्ध में स्थित इसकी मुख्य भूमि की

अवस्थित 8°4’और 37°6’अक्षांश उत्तर तथा 68°7’और 97°25’देशांतर पूर्व में है।

🔴उत्तर से दक्षिण तक इसका अक्षांशीय विस्तार

3214 किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम की तरफ देशांतरीय विस्तार 2933 किलोमीटर है।

🔴इसकी स्थल सीमा करीब 15200 किलोमीटर है।

🔴इसकी वास्तविक  मुख्य भूमि लक्ष्य द्वीप समूह और

अंडमान् निकोबार द्वीप समूह सहित तट रेखा की कुल लम्बाई 7516.6 किलोमीटर है। 

भारत की भौगोलिक प्रष्ठभूमि

 

जहां तक भारत की भौगोलिक प्रष्ठभूमि की बात है,

तो भारत की सीमा उत्तर में अफगानिस्तान तथा

पाकिस्तान, उत्तर में चीन, नेपाल तथा भूटान सुदूर

पूर्व में म्यांमार तथा पूर्व में बांग्ला देश से लगती है। पाक जल डमरू मध्य और मन्नार की खाड़ी से

निर्मित एक तंग समुद्री चैनल श्रीलंका को भारत से अलग करता है।

भारत को मुख्यत: 6आंचलों में बांटा गया है।

इनके नाम हैं उत्तरी, दक्षिणी, पश्चिमी पूर्वी, मध्यवर्ती और पूर्वोत्तर। 

भारत की भौतिक विशेषताएं 

भारत की मुख्य भूमि को हम चार भागों में बांट सकते हैं।

🔮विशाल हिमालय क्षेत्र

🔮गंगा और सिंधु के मैदानी भाग

🔮रेगिस्तानी क्षेत्र और

🔮दक्षिणी प्रायद्वीप।

हिमालय पर्वत माला की तीन लगभग समानांतर श्रृंखलाएं हैं,

जो अनेकों बड़े पठारों और घाटियों से विभाजित हैं।

गंगा और सिंधु के मैदानी भाग करीब 2400 किमी लंबे और 240 से 320 किमी चौड़ हैं।

भारत के मुख्य रेगिस्तान को दो भागों में बांटा जा सकता है।

⭕वृहद रेगिस्तान

⭕ लघु रेगिस्तान

वृहद रेगिस्तान कच्छ के रन से उत्तर की ओर लूनी नदी तक फैला हुआ है।

जब कि लघु रेगिस्तान का विस्तार जैसलमेर से

जोधपुर के बीच लूनी नदी से उत्तर पश्चिम तक है।

प्रायद्वीप पठार गंगा और सिंधु के मैदानों से भरा हुआ है।

इनमें 460 से 1220 मीटर तक अलग  अलग उंचाई वाले पहाड़ व पर्वत मालाएं शामिल हैं। 

भारत कीभूगर्भीय संरचना 

भारत के भूगर्भीय क्षेत्र को हम तीन क्षेत्रों में बांट सकते हैं।

🔴हिमालय और उससे जुड़ी पर्वत मालाओं का समूह। 

🔴सिंधु गंगा का मैदान। 

🔴प्रायद्वीप ढाल 

उत्तर में हिमालय और पूर्व में लुशाई पर्वत निर्माण करने वाली हलचलों से निर्मित क्षेत्र हैं।

इस क्षेत्र का अधिकतर भाग जो आज सम्पूर्ण विश्व के 

कुछ सर्वाधिक मनोरम पर्वतीय दृश्य प्रस्तुत करता है, 60 करोड़ वर्ष पूर्व समुद्र था। 

 

धन्यवाद KPSINGH 15062018

 

 

 

 

 

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