हाँ मुझे उनसे नफरत है

2
55

हां! मुझे उनसे नफरत है 

हां! मुझे उनसे नफरत है, हां मुझे उनसे ऐसी और इतनी नफरत है कि,मैं इसे कभी छिपाना भी नहीं चाहता।

जानते हैं क्यों? क्योंकि मैं चाहता हूं कि वह इसको अच्छे से जान लें कि मैं उनसे नफरत करता हूं।

आप कहेंगे मैं किससे नफरत करता हूं और क्यों नफरत करता हूं?

तो दोस्तों जरा ठहरिए और सब्र करिए मैं आपको जरूर बताऊं कि मैं उनसे क्यों नफरत करता हूं।

लेकिन मैं चाहता हूं कि अगर मेरी बात सही लगे तो आप भी,

अपने दिल की बात जरूर कहिएगा कि सच में क्या आप भी मेरी ही तरह उनसे नफरत करते हैं?

क्योंकि पता नहीं मुझे ऐसा क्यों लगता है कि आप भी जब उनकी हकीकत जानेंगे,

तो मेरी ही तरह उनसे बिना नफरत किए नहीँ रह सकते।

वो कौन हैं? 

मुझे पूरा विश्वास है कि इस समय आप केवल यही

सोच रहे होंगे कि आखिर कौन लोग हैं जिनसे मुझे नफरत है?

दोस्तों वो कौन हैं इसका खुलासा करने के पहले मैं आपसे यह बताना चाहता हूं कि,

वह किसी दूसरी धरती के नहीं हैं जो मेरी नफरत के पात्र हैं।

वह इसी धरती के हैं और हमारे आपके आसपास आसानी से मिल जाने वाले हैं।

इस लिए आज से यह कतई मत सोचिएगा कि ऐसे लोग कहीं और होते हैं। 

लीजिए आप भी पहचानिए

दोस्तों, अब ज्यादा रहस्यमय बातें नकरके आपको

यह बताना चाहता हूं कि कौन हैं वे लोग जिनसे मैं क्या सम्भवत:आप भी नफरत करते होंगे।

🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴

जो भरा नहीं है भावों से बहती जिसमें रस धार नहीं। 

वह ह्दय नहीं है पत्थर है जिसमें स्वदेश हित प्यार नहीं।।

🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴

दोस्तों मैं अपनी बात को और स्पष्ट करने के लिए एक किस्सा सुनाना चाहता हूं।

बात तब की है जब सचिन तेंदुलकर के जीवन का

पहला अंतरराष्ट्रीय मैच पाकिस्तान में खेला जा रहा था।शायद वन डे इंटरनैशनल था।

भारत के चार या फिर विकेट 22 रन पर गिर चुके

थे। कपिल देव और रवि शास्त्री भी कुछ नहीं कर सके थे।

तब बारी आई 15 साल के तेंदुलकर की जबवकार

यूनुस की स्विंग हो रही गेंद के सामने विकेट दर – विकेट लगातार उखड़ रहे थे।

पहली एक दो गेंदों में तेंदुलकर असफल रहे, कुछ

भी नहीं कर पाए और फिर अगली गेंद इस तरह

तेंदुलकर की नाक में लगी कि खून निकलने लगा। भारतीय खेमा घबरा गया।

पाकिस्तानी मन ही मन प्रसन्न होने लगे।

सभी ने तेंडुलकर को वापस होने के लिए कहा

क्योंकि तेंदुलकर की हालत खेलने लायक ही नहीं थी।

पर यह क्या? अगले पलों मेंं जो   हुआ वह अद्भुत ऐतिहासिक, अवर्णनीय था।

तेंदुलकर ने खून पोंछ कर ये घोषणा कर दी कि वह खेलेंगे।

इसके बाद तेंदुलकर ने जमकर यूनुस की बखिया उधेड़ दी और 57 रन बनाए।

दोस्तों जिस भी व्यक्ति में अपने देश के लिए यह जज्बा नहीं है मुझे उससे नफरत है।

साथियों, जिसमें भी तेंंडुलकर की तरह का अपने

आप में भरोसा जुनून और जज्बा नहीं है मुझे ऐसे लोगों से नफरत है। 

मुझे नफरत है इनसे जिन्हें खुद पर भरोसा नहीं 

दोस्तों, हमारा आपका सामना ऐसे भी लोगों से होता है जिन्हें खुद पर भरोसा नहीं होता।

वह या तो किसी काम की स्वतंत्र जिम्मेदारी लेते ही नहीं,

या फिर किसी भी जिम्मेदारी को सिर आई बला ही समझकर, 

कोई न कोई बहाना बनाकर अपने आप को उससे अलग कर लेते हैं।

दोस्तों मुझे ऐसे लोगों से नफरत व्यक्तिगत नहीं है

बल्कि इनकी सोच से है,

क्योंकि सच्चाई यह है कि यह अपनी नकारात्मक ऊर्जा से.

अपने साथ साथ दूसरे को भी नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं।

मुझे ऐसे लोगों से नफरत है। 

मुझे नफरत है खुद को बेचारा समझने वालों से 

दोस्तों, मुझे ऐसे लोगों से भी नफरत है जो खुद को बेचारा समझते हैं,

और इसी बेचारे पन को ढाल बनाकर जिन्दगी में

कुछ करने की बजाय कुछ न करने की फिराक में रहते हैं।

ऐसे लोग खुद अपने लिए नुकसान देय होने के साथ साथ, 

समाज के लिए बहुत बड़ी पीड़ा के समान होते हैं। 

क्योंकि यह अंतत:समाज के लिए घातक ही सिद्ध होते हैं। 

हां, मुझे नफरत है इन सब से 

🔴जी हां, मुझे इन सब से नफरत है जो देश के

लिए अपने कर्तव्यों को भूलकर दिन रात देश को बर्बाद करने के विषय में सोचते रहते हैं।

🔴अपने कर्तव्यों से ज्यादा जो अपने अधिकारों

के लिए परेशान रहते हैं मुझे ऐसे लोगों से भी कोई सहानुभूति नहीं रहती है।

🔴  दोस्तों, जिन्हें खुद पर भरोसे से ज्यादा भाग्य

पर ज्यादा भरोसा होता है और जिनके पास जोश

और जज्बे  का अतापता नहीं होता मुझे ऐसे लोगों से भी कुछ लेना देना नहीं रहता।

🔴 समय से पहले और भाग्य से ज्यादा वाला एक 

 सदाबहार जुमला जपने वालों से भी मुझे नफरत  

इसलिए होती है क्योंकि ऐसे लोग न तो खुद कोई

काम करते हैं और न ही अपने आसपास के लोगों को को सुकून से करने देते हैं। 

धन्यवाद

KPSINGH 01072018

 

 

 

 

 

 

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here