शाकाहार क्यों फायदेमंद है?

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शाकाहार क्यों फायदेमंद है? 

शाकाहार क्यों फायदेमंद है?

यह सवाल मैने आपसे इस लिए नहीं किया कि आप ,

शाकाहार के मुझे फायदे बतायें ।

मैंने शाकाहार से संबंधित सवाल कि शाकाहार क्यों फायदेमंद है ?

वास्तव में इस लिए पूछा है कि आप,

यदि शाकाहार के फायदों से अनजान हों तो मैं आपकी इस विषय पर कुछ मदद कर सकूं ।

क्योंकि आप जानते ही होंगे कि इस समय पूरी दुनिया में शाकाहार को एक परिवर्तन के रूप में देखा जाता है? 

शाकाहार किसे कहते हैं? 

शाकाहार शब्द शाक+आहार से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है ,

एक ऐसा आहार या भोजन जो शाक यानी वनस्पति, से बना हो ।

इस तरह शाकाहार का अर्थ है प्रकृति में पाए जाने वाले वानस्पतिक आहार से है ।

वहीं इसका विरोधी या दूसरा रूप है मांसाहार ।

जी हां दोस्तों ,मांसाहार वह बला है जो आहार यानी मांस पर आधारित है ।

हमारे प्राचीन ग्रंथ इन दोनों प्रकार के आहारों की चर्चा करते हुए अंततः शाकाहार को ही वरीयता प्रदान करते हैं ।

शाकाहार को गीता में सात्विकता से जोड़ा गया है तो वहीं मांसाहार को दुष्प्रभाव के साथ रखा गया है ।

वर्तमान में शाकाहार 

जब दुनिया तीर कमान और भाला बरछी से चलती थी,

या उससे भी पहले जब मानव सिर्फ जंगल से निकल कर आया था ।

तो उस समय चूंकि शारीरिक ताकत और उन्माद का बोलबाला था ।

इसीलिए लोग बलपूर्वक ही कुछ पाने में विश्वास करते थे ।

इसके लिए ताकत की पूर्ति हेतु मांसाहारी भोजन पहली पसंद हुआ करता था ।

लेकिन आज ऐसा नहीं है ।

आज शारीरिक ताकत से कहीं ज्यादा मानसिक ताकत की जरूरत है इसलिए लोग उन्मादी भोजन को त्याग रहे हैं ।

शाकाहार की दुनिया है दीवानी 

शाकाहार क्यों फायदेमंद है?

इस पर  विचार करने से पूर्व आइए शाकाहार के संबंध में दुनिया की सर्वोच्च संस्था संयुक्त राष्ट्र संघ का क्या विचार है इसे देखते हैं ।आपको आश्चर्य होगा संयुक्त राष्ट्र जैसी सर्वश्रेष्ठ संस्था ने अभी अपनी हाल ही की एक रिपोर्ट में कहा हैकि ,

●जलवायु परिवर्तन को रोकने में,

●प्रदूषण को कम करने में

●भुखमरी को मिटाने में,

वैश्विक स्तर पर शाकाहार को अपनाने की जरूरत है ।

यह रिपोर्ट कुछ भी गलत नहीं कहती ।

अगर आप ध्यान से इन तथ्यों को परखें तो यह बिल्कुल सही साबित होते हैं ।

आप जानते हैं दुनिया में तीन तरह का भोजन करने वाले लोग पाए जाते हैं ।

●मांसाहारी

●शाकाहारी

●शुद्ध शाकाहारी ।

यहां  यह बताना उचित होगा कि जो शुद्ध शाकाहारी लोग हैं ,

वे ऐसे लोग होते हैं जो जानवरों से प्राप्त होने वाले पदार्थ जैसे मांस और दूध का भी सेवन नहीं करते ।

ऐसे लोगों को ही “वीगन” कहा जाता है ।

संयुक्त राष्ट्र संघ की नजर में नगीना है शाकाहार 

पूरी दुनिया में शाकाहार को बढावा देने वाली संस्था “पेटा “की प्रवक्ता बेनजीर सुरैया का कहना है कि भारत शाकाहार की जन्मभूमि रहा है ।

परंतु अब भारत में ऐसी बीमारियों की बाढ है जो शाकाहार को टाटा बाय-बाय करने का नतीजा हैं ।

भारत में तरह-तरह की फैल रही बीमारियों का सीधा संबंध मांसाहार की बढती प्रवृत्ति से है ।

मांस, मछली अंडा डेयरी उत्पाद से कोलेस्ट्रॉल को बढते देखा गया है ,

और फिर इसी कोलेस्ट्रॉल की वजह से शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर से बर्बाद होते देखा गया है ।

संयुक्त राष्ट्र संघ का मानना है कि शाकाहार वह नगीना है जिसके चलते ,

●दुनिया की पचास लाख मौतों को टाला जा सकता है ।

●भारत की कुल 31%जनसंख्या शाकाहार करने वाली है ।

●शाकाहार से 40%कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है ।

●शाकाहार सुपाच्य भोजन उपलब्ध कराता है,  जिसके फलस्वरूप हमारा तन और मन दोनों ही स्फूर्ति मान रहते हैं ।

निष्कर्ष के रूप में यह कहना कतई अतिशयोक्ति नहीं होगा कि यदि आज की आधुनिक दुनिया में ताकत के साथ जीना है तो आपको,

भाला बरछी वाली ताकत नहीं।

गीता के कृष्ण वाली ताकत यानी बुद्धि चातुर्य वाली ताकत की दरकार है ,

जो आपको मिलती है सिर्फ और सिर्फ शाकाहार से ।

धन्यवाद

लेखक :के पी सिंह

13032018 

 

 

 

 

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