माफी मांगने का अर्थ समझिए

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माफी मांगने का अर्थ समझिए 

 दोस्तों, माफी मांगने का अर्थ समझिए।

क्योंकि जब तक हम इसका मतलब ही नहीं समझेंगे,

तब तक इसका वास्तविक अर्थ हमारी समझ में नहीं आने वाला है ।

क्योंकि 

पूरी दुनिया में यही समझा जाता है कि कोई माफी मांगता है ,

तो केवल इसलिए कि जरूर उसने कोई गलती की होगी ।

यह कतई माफी मांगने का वास्तविक अर्थ नही है ।

क्योंकि 

●माफी मांगने का सिर्फ यह मतलब नहीं कि कोई गलती हुई है ।

●माफी मांगने का अर्थ सिर्फ यही नही कि माफी सिर्फ अपराधी मांगते हैं ।

●माफी मांगने का अर्थ यह भी हो सकता है कि व्यक्ति ,

सालीनता के कारण माफी मांग रहा हो ।

जी हां, इसे नोट करें 

माफी मांगने का अर्थ यद्यपि हम यही लगाते हैं कि ,

माफी मांगना प्रायश्चित का एक रूप है।

जब कि माफी मांगने का वास्तविक अर्थ यह है कि ,

व्यक्ति न केवल सजग है अपने प्रति बल्कि वह दूसरे की भी गरिमा बोध से युक्त है ।

माफी वास्तव में कौन मांगता है ?

इसे आप ठीक से समझ लें ।

अपराधी कभी भी माफी नहीं मांगता क्योंकि ,

अगर उसे माफी मांगने की जरूरत होती तो वह माफी मांगने के हालात कभी भी पैदा न करता ।

माफी वास्तव में उसे नहीं कहते जो श्री मान डंडा सिंह जी की कृपा से मांगी जाती है ।

माफी हम उसे भी नहीं मान सकते जो किसी लालच या भय से प्रकट होती है।

असली माफी सदैव दिल में पैदा होती है और उसे किसी भी तरह की बनावटी चीज से पैदा नहीं किया जा सकता है ।

सच यह है कि माफी सदैव वही मांगता है जो अपनी आत्मा की संवेदनशीलता को जानता, समझता और मानता है ।

माफी कब मांगें ?

माफी मांगने का कोई शुभ मुहूर्त नहीं होता।

लेकिन एक बात ठीक से समझ लेनी चाहिए कि ,

माफी मांगने का अर्थ जब तक प्राप्त हो तब तक की अवधि में यह उद्यम कर लेना चाहिए ।

कभी-कभी हम इतनी देर कर देते हैं कि माफी मांगने का वास्तविक अर्थ ही खो जाता है ।

माफी की सफलता तभी है जब यह क्रिया दोनों पक्ष को खुशी दे सके ।

माफी को बोझ न बनाएं इस लिए इसे समय रहते प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए ।

निष्कर्ष यह है कि माफी कायर और अपराधी नहीं मांगते।

माफी मांगने का अर्थ यह भी नही कि इसे सदैव ,

अपराधी मांगता है बल्कि वास्तविकता यह है कि माफी बहादुर और सचचरित्र व्यक्ति मांगता है ।

इस लिए अगली बार जब भी आपकी आत्मा माफी मांगने को कहे तो देर मत लगाना ।

क्योंकि माफी मांगने का अपना ही एक सुकून है ,

जिसे सब कोई नही जानता जो जानता है वही माफी मांगने का कष्ट भी उठाता है ।

धन्यवाद

लेखक :के पी सिंह

01032018

 

 

 

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