सामुद्रिक पर्यावरण का महत्व

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सामुद्रिक पर्यावरण का महत्व

सामुद्रिक पर्यावरण का महत्व जानने के पहले हमें सामुद्रिक पर्यावरण का अर्थ जानना होगा।

क्योंकि जिस तरह से हमारी पृथ्वी अपने खुद के पर्यावरण से फलती फूलती है,

ठीक उसी तरह समुद्री जल का भी एक अथाह संसार है।

और इसी अथाह जल संसार में जीवन जीने वाले जन्तुओं का भी एक पर्यावरण होता है,

जिसे हम सरल भाषा में सामुद्रिक पर्यावरण कहते हैं।

ऐसा नहीं है कि पृथ्वी के पर्यावरण और सामुद्रिक पर्यावरण मे कोई अंतर हो,

लेकिन फिर भी हम अपने ज्ञान की विविधता के

लिए सामुद्रिक पर्यावरण का अलग ही अध्ययन करते हैं। 

सामुद्रिक पर्यावरण की विशेषताएं 

सामुद्रिक पर्या वरण का  हमारे जीवन में ही नहीं

बल्कि संसार के हर प्राणी के जीवन में भी विशेष महत्व है।

जहां तक बात सामुद्रिक पर्यावरण की विशेषता ओं की है तो इनका वर्णन इस प्रकार है:

⚙महासागरीय  जल में उत्पन्न धाराएँ तापमान को परिवर्तित करती हैं।

⚙महासागरीय जल में लवणता 35%होती है,

इसमें सोडियम क्लोराइड, मैग्नीशियम और कैल्शियम के कण होते हैं।

⚙महासागरीय जल में स्थल जात यानी बजरी,

रेत, दोमट तथा सागरीय निक्षेप पंक आदि मिलते हैं।

⚙महा सागरीय जल गतिशील होता है, जिससे

लहरें, धाराएं और ज्वार भाटा की उत्पत्ति होती है।

⚙महासागरीय जल में पौधे और जंतुओं की अनेकों प्रजातियां होती हैं।

फलस्वरूप प्रोटोजोआ से लेकर स्तनपायी जीव तक समुद्र में जीवन यापन करते हैं।

⚙महासागरीय तटीय पेटी में खाड़ियां, अंतरीप,

लघु निवेशिका, ज्वार नद मुख, जल संयोजी कंटक आदि आकृतियाँ मिलती हैं। 

समुद्री पर्यावरण और मानव उपयोग 

 

समुद्री पर्यावरण का मनुष्य के लिए बेहद खास उपयोग है।

इसे हम इस तरह से बिन्दुवार समझ सकते हैं।

⚙महासागर वास्तव में जलवायु को प्रभावित और परिवर्तित करते हैं।

⚙तापमान समकारी प्रभाव रखते हैं इतना ही नहीं वर्षा के प्रमुख और एकमेव स्रोत होते हैं।

⚙हमारी धरती मे पाए जाने वाले सभी सागर

महासागर अंतरराष्ट्रीय परिवहन का उत्तम साधन होते हैं।

⚙मछली उत्पादन के द्वारा हम महासागरों से अपनी खाद्य आपूर्ति भी कर पाते हैं।

⚙सच यह भी है कि महासागर विशाल ऊर्जा के भंडार होते हैं।

⚙यह बात सभी को पता है कि इसकी लहरों और

ज्वार भाटा आदि से अपार जल शक्ति प्राप्त होती है।

⚙हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि महासागरों

से हमें खनिज पदार्थ और रासायनिक पदार्थों की भी प्राप्ति होती है।

⚙यह शायद ही किसी से छिपा हो कि आज हम

महासागरीय यात्रा मनोरंजन आदि के लिए भी करने लगे हैं। 

महासागरीय पर्यावरण और उसका महत्व 

आप यहां जो तस्वीर देख रहे हैं वह हमारी अपनी

नकारात्मक सोच और क्रिया कलापों का बेहद ही खतरनाक परिणाम है।

कहने का मतलब यह है कि यदि हम अपने सागरों महासागरों से छेड़छाड़ न करें,

तो हमें सब कुछ ही सही मिलेगा लेकिन यदि हम जरा भी गफलत करते हैं,

तो हमें इस तस्वीर से भी ज्यादा खतरनाक अप्रिय परिणाम प्राप्त होंगे।

महासागरीय पर्यावरण मनुष्य के लिए किस तरह से उपयोगी है आइए जानते हैं :

⚙हम में से शायद ही कोई ऐसा इंसान हो जिसे

यह बताने या समझाने की जरूरत है कि जल ही मानव की पहली और अनिवार्य आवश्यकता है।

⚙और मनुष्य की इस सतत आवश्यकता को पूरा करने में हमारे सागर अद्वितीय हैं।

सच कहें तो सागर जल की आपूर्ति का आदि स्रोत हैं। थे। और रहेंगे।

⚙हमारी धरती पर होने वाली वर्षा वास्तव में इन

महासागरों से भाप के रूप में उठा हुआ जल ही है जो पूरी धरती की प्यास बुझाता है।

⚙पशु पक्षियों के लिए जो जल अमृत के समान ही उपयोगी होता है वह सागरों की देन है।

⚙पहाड़ पहाड़ी पर्वत आदि के साथ ही समतल

मैदानों में अनेकों प्रकार की उगने वाली वनस्पति भी इन्हीं सागरों की देन है।

⚙सच तो यह है कि परोक्ष रूप से हमारी धरती

का सुचारू गति और व्यवस्था से संचालन करने वाली प्रत्यक्ष शक्ति का ही नाम सागर है।

⚙हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि धरातल पर जल वितरण का एकमात्र साध समुद्र ही हैं। 

हमारे लिए और क्या क्या करते हैं ये सागर महासागर 

हमारे लिए हमारे सागर महासागर और क्या क्या करते हैं।

इस प्रश्न का उत्तर तलाशने के बाद जो जवाब मिलेगा वह इस प्रकार है।

⚙महासागर धरती का तापमान नियमित या फिर नियंत्रित रखते हैं।

आपको सभी को यह  पता है कि समुद्री  धाराओं

की वजह से ही बाढ सूखा तक की समस्याएं देखी गई हैं।

इन सभी समस्याओं से मनुष्य को केवल व केवल सागर ही निकालते हैं। 

महासागर और ताप नियंत्रण 

हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि महारे महासागर

केवल हमें जल ही नहीं देते बल्कि यह हमारे लिए धरती के तापमान को भी नियंत्रित करते हैं।

धरती के तापमान को संतुलित रखना इस लिए भी

जरूरी होता है कि यदि तापमान नियंत्रित न किया जा सका तो फसलें सही नहीं रह सकतीं।

और जब फसलें सही नहीं रहेंगी तो हम मनुष्य ही कैसे जीवित रह सकते हैं। 

महासागर एवं मत्स्य भंडार 

महासागर हमारे लिए विभिन्न प्रकार की वस्तुओं

का अक्षय भंडार है,इनमें खाद्य वस्तुओं का खास स्थान है।

पूरे संसार में खाद्य पदार्थों के रूप में हम जितनी

भी मछलियों का उपयोग करते हैं वे अधिकतर हमें समुद्र ही प्रदान करता है।

विभिन्न प्रकार की खाद्य वनस्पति और मछलियों

के अलावा विभिन्न जीव जंतु भी हमें समुद्री जल से ही प्राप्त होते हैं। 

महासागरीय अनंत सौगात 

इसका मतलब यह है कि हमारे महासागर हमें इस

कदर अपनी सौगातें प्रदान करते हैं कि हम इसका कभी हिसाब नहीं लगा सकते हैं।

महासागर देखा जाए तो एक तरफ जहां खनिज

के भंडार हैं,तो दूसरी तरफ शक्ति के स्रोत भी हैं।

खनिज ईंधन हमारे लिए महासागरीय अद्भुत सौगात के समान है।

महा सागर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का उत्तम जरिया हैं यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है।

महासागर हमारे संसार को जगमगा रहे हैं शायद यह भी बताने की जरूरत नहीं है।

सच बात हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि महा

सागर हमारे  स्वास्थ्य के लिए  बेहद उत्तम स्थल भी होते हैं। 

धन्यवाद

KPSINGH 10062018

 

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