आजादी के सात दशक और हमारे मील के पत्थर

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आजादी के सात दशक और  हमारे मील के पत्थर 

आजादी के सात दशक और हमारे मील के पत्थर विषय पर

अगर गौर करें तो इन मील के पत्थरों की कोई कमी नहीं है।

हम भारत वाशियो के जीवन में।

हमअपने हिसाब से अगर अपने संसाधनों की तुलना में

अपने सात दशक के इतिहास की तरफ मुड़ कर देखते हैं

तो हर्ष का अनुभव और हैसियत का अनुमान होता है।

विश्व पटल पर आज पहचाने जाने वाले भारत ने अपनी आजादी के सात दशक में

खामोशी के साथ जिन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को हासिल किया है

वह भले ही किसी के लिए कमतर और खास न होकर आम हों

पर हम भारत वासी अपनी छोटी छोटी इन सात दशकों की उपलब्धियों को

महसूस कर के ही फूले नहीं समाते।

आइए आपको हम भारतवासी अपनी सात दशक की विकास यात्रा की झलक दिखाते हैँ

अपनी नजर से :

हाकी में ओलम्पिक स्वर्ण पदक 

आजादी के सात दशक हमारे मील के पत्थर में पहला मील का पत्थर

हमने तब स्थापित किया था जब आजादी के ठीक अगले साल

यानी 1948 में हमने लंदन ओलंपिक में पुरुष हाकी का स्वर्ण पदक जीता था।

आजाद भारत का यह पहला पदक था। 

इस पहले ओलम्पिक स्वर्ण पदक  की बात करें तो यह पदक हमारे खिलाड़ियों ने

नंगे पैर खेल कर जीता था। 

हमारा अपना संविधान 

आजादी के सात दशक :हमारे मील के पत्थर में सबसे मजबूत पत्थर

हमने तब स्थापित किया था, 

जब हमने अपने लिए खुद अपने हाथों से संविधान का निर्माण किया था ।

दोस्तों हमारे देश में 26 जनवरी 1950 से भारतीय संविधान लागू है।

आजादी के बाद यह ऐसी घटना थी जिसने आजाद भारत को

सच्चे अर्थों में एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न राज्य बनाया था।

2वर्ष 11माह 18 दिन में बने संविधान में तब 8 अनुसूचियां 395 अनच्छेद थे

जो आज बढ़ कर 12 अनुसूची और 444 विस्तारवादी अनुच्छेद हैं।

भारत के संविधान में कुल 22 भाग हैं। 

भारत के पहले आम चुनाव 

1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था।

लेकिन भारत में पहले आम चुनाव 1952 में हुए थे। 

 ध्यान रखें कि जब 1952 में भारत में पहले आम चुनाव हुए थे

तब उस समय कुल 17 करोड़ मतदाता थे।

जवाहर लाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे।

1952 से अब तक 14 बार केंद्र में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। 

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की स्थापना 

परमाणु ऊर्जा की क्षमता और महत्व से आज हर कोई वाकिब है ।

चूंकि कि किसी भी देश के वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास के लिए

इस ऊर्जा की सख्त जरूरत होती है इसीलिये भारत में पहली बार

1954 में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई थी ।

यह मुुंब के उप नगर ट्रांबे में  स्थित है।

इसका नामकरण 1967 में किया गया था।

इस समय यहां पर 8 परमाणु ऊर्जा संयंत्र काम कर रहे हैं । 

अप्सरा परमाणु संयंत्र 

भाभा परमाणु केंद्र में स्थित अप्सरा परमाणु संयंत्र

1956 में जब काम करना प्रारंभ किया था

तो यह संयंत्र पूरे एशिया में सबसे पहला परमाणु संयंत्र था।

आजादी के सात दशक और हमारे मील के पत्थर में यह ऐसा पत्थर था। 

जिसका योगदान भारत निर्माण में शब्दों से परे है।

रीता फारिया बनी विश्व सुंदरी

मुंबई की रहने वाली पेशे से डॉक्टर रीता फारिया 1966 में विश्व सुंदरी बनी थी।
यह भारत की ओर से किसी महिला का पूरी दुनिया में

सुंदरता के क्षेत्र में पहला धमाका था।
इसके बाद आज तक यह सिलसिला जारी है।
ब्रह्मांड सुंदरी शुष्मिता सेन तथा विश्व सुंदरी
ऐश्वर्या राय
इसी प्रेरणा का परिणाम हैं । 

 

भारत में स्वेत क्रांति की दस्तक 

भारत में 1970 में स्वेत क्रांति अर्थात दुग्ध क्रांति हुई थी।

इसे दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम कहा जाता है।

अमूल के संस्थापक डा वर्गीज कुरियन इसके जनक थे।

आज हम पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा दुग्ध

उत्पादन करते हैं तो

इसी स्वेत क्रांति की वजह से ही ऐसा संभव हुआ है। 

भारत ने किया परमाणु परीक्षण 

भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण 1974 में किया था ।

इसे हम पोखरण परमाणु परीक्षण कहते हैं।

राजस्थान में हुआ यह परीक्षण लाफिंग बुद्ध भी कहलाता है।

भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण मई 1998 में किया था। 

भारत का आर्य भट्ट प्रक्षेपण 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने भारत का

पहला उपग्रह आर्यभट्ट अंतरिक्ष में 1975 में  स्थापित किया था।

यह पूरी तरह से भारत द्वारा ही निर्मित था। इसकी लांचिंग रूस से हुई थी।

इसका नामकरण भारत के महान खगोलविद आर्य भट्ट के नाम पर है।

इसकी लागत तीन करोड़ थी। 

 

 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 15082018

 

 

 

 

 

 

 

 

 

4 COMMENTS

  1. सर आपकी पोस्ट बहुत अच्छी होती है।
    सर एक बात बताइए कि आपने मेरी भी पोस्ट पढ़ी होंगी। क्या आपको मेरी पोस्ट में कभी अश्लीलता नजर आई ? फिर हमारे ऊपर बैन क्यों ? मेरी लगभग सभी पोस्टें स्वास्थ,महत्वपूर्ण दिवस या फिर किसी की जीवनी से सम्बन्धित होती हैं। एस पी सर का तो कोई जबाव नहीं आ रहा। आप ही कुछ बताएँ और इसका हल निकालें।
    धन्यवाद

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