औरंगजेब की अजब कहानी

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औरंगजेब की अजब  कहानी 

औरंगजेब : की अजब कहानी,से तात्पर्य यह है कि इतिहास में सबसे क़ाबिल

चरित्र होने के बाद भी मुगल बादशाह औरंगजेब को वह असंदिग्ध सम्मान व ख्याति अर्जित नहीं हुई जो

बाबर, हुमायूं, अकबर,शाहजहां या बाक़ी तमाम आक्रमण कारियों को प्राप्त है।

औरंगजेब एक विवादित छवि में सदैव घिरा रहने वाला शासक था।

खासकर हिन्दू दृष्टिकोण से इसका विवादित इतिहास,आज भी हमारे लिए एक अजब कहानी की तरह है।

आइए, आज  औरंगजेब की अजब कहानी की बात करें कुछ इस तरह से,,,  

औरंगजेब :नायक या खलनायक

 

औरंगजेब की अजब कहानी की शुरूआत आज से 112 वर्ष पहले,

तब प्रारंभ हुई थी जब इस खास चरित्र की मौत हुई थी।

दूसरे शब्दों में कहें तो औरंगजेब नायक था या खलनायक यह सवाल,

आज भी हमारे लिए एक महत्वपूर्ण सवाल बना हुआ है।

इतिहास की बात करें तो औरंगजेब पर लगे आरोपों की लिस्ट काफी लंबी है।

औरंगजेब की अजब कहानी का आलम यह है कि 

इतिहास कारों का भी मानना है कि औरंगजेब अपने परदादा अकबर की तरह उदार नहीं था।

इसने बहुसंख्यक हिन्दुओं पर अत्याचार किये और इस्लाम धर्म को अपने शासन का आधार बनाया।

यही वजह है कि उसकी छवि एक मजहबी और कट्टरपंथी बादशाह की तरह बनी।

हालाकि कुछ इतिहास कारों के अनुसार औरंगजेब की

ऐसी छवि,सही नहीं कही जा सकती है। 

व्यक्तिगत परिचय 

औरंगजेब: की अजब कहानी इसके जन्म से प्रारंभ होती है।

औरंगजेब का जन्म 4 नवम्बर 1618 को हुआ था।

 औरंगजेब की मृत्यु 3 मार्च 1707 को हुई थी।

औरंगजेब का पूरा नाम अबुल मुजफ्फर मुहीउददीन मुहम्मद औरंगजेब आलमगीर था।

औरंगजेब छठा मुग़ल बादशाह था।

इसका शासन काल 1658 से 1707 तक था। 

औरंगजेब पर पांच आरोप

● औरंगजेब पर जो पांच सबसे खास आरोप इतिहास में दर्ज किए जाते हैं ,

उनमें पहला आरोप यह है कि इसने पूर्वाग्रह के चलते,

हिन्दुओं पर अत्याचार करने के लिए अपमानजनक जजिया कर लगाया था।

●औरंगजेब एक अजब कहानी की बात करें तो औरंगजेब पर जो पांच,

सबसे खास आरोप लगे उनमें दूसरा आरोप यह है कि ,

इसने पूर्वाग्रह के चलते हिन्दुओं के मंदिरों को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए,

उन्हें भारी मात्रा में नष्ट किया।

●औरंगजेब पर पांच आरोपों की लिस्ट का तीसरा सबसे बड़ा आरोप ,

यह है कि इसने सिख तथा हिन्दुओं का ज़बरन धर्म परिवर्तन कराया। 

●औरंगजेब पर पांच आरोपों की लिस्ट का चौथा आरोप यह है कि,

इसने सिखों के गुरु गुरु तेगबहादुर जी का कत्ल करवाया था। 

●औरंगजेब पर पांच आरोपों की लिस्ट का पांचवा आरोप यह है कि इसने,

सत्ता के लालच में अपने पिता और भाइयों के साथ धोखा किया। 

व्यापारी हिन्दुओं पर दोगुना कर 

औरंगजेब की अजब कहानी की एक अजब कहानी यह भी है कि,

इसने पूर्वाग्रह के ही चलते हिन्दू व्यापारीगण पर दोगुना कर लगाया था।

औरंगजेब ने व्ययापर करने वाले हिन्दुओं से पांच प्रतिशत,

और मुसलमान व्यापारी गण से केवल ढाई प्रतिशत कर लेता था।

हालाकि जमीन पर लगने वाला कर हिन्दू मुसलमान के लिए बराबर था।

इसका मतलब कुछ भी हो सकता है लेकिन यह बात साफ़ है कि

औरंगजेब की अजब कहानी यूँ ही अजीब नहीं है। 

हिन्दुओं पर लगाया था जजिया कर 

औरंगजेब की अजब कहानी की एक अजब कहानी यह भी है कि ,

इसने पूर्वाग्रह के चलते हिन्दुओं पर अत्याचार करने के लिए ,

अपमानजनक जजिया कर लगाया था ।

जजिया एक अरबी शब्द है,इसका मतलब टैक्स होता है।

जजिया गैर मुसलमानों पर लगाया जाता था।

यद्यपि अकबर ने इस अपमानजनक कर को खत्म कर दिया था,

लेकिन औरंगजेब की अजब कहानी में इस कर का भी सहयोग है।

औरंगजेब ने इसे दोबारा लागू किया था।


एक अजब कहानी की यह भी है कि यह कर गरीब हिन्दुओं तथा राजपूतों से नहीं लिया जाता था। 

औरंगजेब की पांच खासियत

औरंगजेब की अजब कहानी में एक अजब कहानी यह भी है कि,

अगर एक तरफ इस चरित्र की गलत बातें थीं तो दूसरी तरफ इस चरित्र की कुछ खासियते भी थीं।

जो इस तरह हैं :

● औरंगजेब एक अजब कहानी की पहली खासियत यह है कि,

इसने जनता के आर्थिक कष्टों को दूर करने के लिए राहदारी तथा चुंगी कर खत्म किया था। 

● औरंगजेब की अजब कहानी की एक अजब कहानी यह भी है कि,

इसने जीवन भर कभी शराब नहीं पिया। 

●औरंगजेब की अजब कहानी में एक अजब खासियत यह है कि,

इसने जुआ खेलने,अश्लील नाच गाना,भांग का उत्पादन सब पर प्रतिबंध लगाया था। 

●औरंगजेब ने 1663 में सती प्रथा को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था। 

●औरंगजेब ने बादशाह के लिए तुलादान तथा झरोखा प्रथा पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया था। 

मंदिरों को तोड़ा भी जोड़ा भी 

औरंगजेब को बच्चा बच्चा जानता है मंदिरों को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए,

उन्हें भारी मात्रा में नष्ट करने के लिए।

लेकिन बहुसंख्यक इससे परिचित नहीं है कि औरंगजेब ने यदि,

मंदिरों को तोड़ा है तो इसने मंदिरों को जोड़ा भी है।

औरंगजेब की अजब कहानी की एक अजब कहानी यह भी है कि,

इसने इतिहास कारों के अनुसार 15 मंदिरों को तोड़ा था।

लेकिन कई-कई मंदिरों को इसने अनुदान भी दिया था।

बनारस का जंगम बाङी मठ,चित्रकूट का बाला जी मंदिर,

इलाहाबाद का सोमेशवर नाथ महादेव मंदिर,

गुवाहाटी का उमानाथ मंदिर वह मंदिर हैं जिन्हें औरंगजेब ने अनुदान दिया था।

हिन्दुओं को तवज्जो

औरंगजेब की अजब कहानी एक यह भी है कि जहां,

शाहजहाँ के समय सेना,दरबार,प्रशासन आदि में  हिन्दुओं की भागीदारी 24% थी।

तो  वहीं औरंगजेब के समय यह 33%थी ।

औरंगजेब की अजब कहानी की एक अजब कहानी यह भी है कि ,

औरंगजेब की सेना में  भारी मात्रा में केवल राजपूतों का ही बोलबाला था।

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 05052018

 

 

 

 

 

 

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