क्यों कब कैसे हुआ मुगल साम्राज्य का पतन?

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कब क्यों कैसे हुआ मुगल साम्राज्य का पतन?

कब क्यों कैसे हुआ मुगल साम्राज्य का पतन?

मुगल साम्राज्य की इस कहानी को जानने के लिए हमें और भी बहुत सी

कहानियों को पहले ध्यान से पढना होगा। 

इसके बाद ही हमें यह बखूबी समझ में आएगा कि कब क्यों कैसे हुआ

मुगल साम्राज्य का पतन? मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने 1526 ई में की थी।

बाबर का पूरा नाम जहीरुददीन मुहम्मद बाबर था।

यह खुद को मध्य एशिया से जोड़कर देखता था। यह तैमूर लंग का पोता था।

यह खुद को चंगेज खां का भी वंशज मानता था।

इसके जन्म और मृत्यु के बारे में विवाद है।

जन्म 14 फरवरी 1483 तथा मृत्यु 5 जनवरी 1531 है ,

कुछ इतिहास कार इसकी मृत्यु की तारीख 26 दिसंबर 1530 को मानते हैं।

बाबर मुगल साम्राज्य का पहला सम्राट था

जबकि बहादुर शाह जफर मुगल साम्राज्य का अंतिम सम्राट था।

बाबर और बहादुर शाह जफर को मिलाकर कुल

19 बादशाह मुगल गद्दी पर बैठे तथा 331 वर्षों तक मुगल सत्ता कायम रही ।

लेकिन हकीकत यह है कि प्रारंभ के 6 बादशाहों

के बाद मुगल सत्ता पतन की ओर से तेजी से अग्रसर हो गई।

अंतत:1 857 की क्रांति के बाद अंग्रेजों ने औपचारिक रूप से मुगल सत्ता समाप्त कर दी थी । 

मुगल साम्राज्य के पतन की कहानी 

कब क्यों कैसे हुआ मुगल साम्राज्य का पतन?

इसको विस्तार से समझने के लिए हमें इसकी कहानी को

बेहद सावधानी से समझना होगा क्योंकि यह काफी उलझी हुई कहानी है ।

मुगल साम्राज्य के पतन की व्याख्या के अनेक प्रयास किए गए हैं।

पुराने इतिहास कारों जैसे इरविन  जे एन सरकार, आशीर्वादी लाल श्रीवास्तव आदि ने

मुगल साम्राज्य के पतन को  अयोग्य शासकों  अय्यासी,

धार्मिक कट्टरता तथा दरबारी गुटबाजी जैसे ऊपरी

कारणों के संदर्भ में व्याख्यायित करने का प्रयास किया है ।

इसके बाद शोधकर्ताओं ने यह भली भांति स्थापित किया कि

मुगल साम्राज्य के पतन के कारण अत्यंत गूढ हैं।

इन गूढ़ कारणों की पहचान सतीश चंद्रा, नोमन अहमद सिद्दीकी,

इरफान हबीब तथा अतहर अली जैसे विद्वानों ने की है। 

मुगल साम्राज्य के पतन के गूढ़ तथ्य 

कब क्यों कैसे हुआ मुगल साम्राज्य का पतन इसे जानने के लिए हमें, 

मुगल साम्राज्य के पतन के गूढ़ रहस्यों को जानना होगा।

इतिहास कारों ने इन रहस्यों मे प्रमुख गूढ़ रहस्य माना है प्रशासनिक ढांचे को ।

प्रशासनिक ढांचा यानी मनसबदारी तथा जागीरदारी के

असंतुलन को मुगल पतन का कारण माना है।

इस प्रशासनिक ढांचे में असंतुलन के फलस्वरूप कृषि संकट उत्पन्न हुआ था।

और उत्पादन अधिशेष पर नकारात्मक प्रभाव पड़ था।

किसानों का जमींदारों द्वारा शोषण जारी रहा।

परिणाम स्वरूप औरंगजेब के समय में किसानों, काश्तकारों 

तथा छोटे जमींदारों के विद्रोह की श्रृंखला ही प्रारंभ हो गई थी।

इसी ने मुगल साम्राज्य के पतन की आधारशिला रखी थी। 

परिस्थिति और   फायदा 

मुगल साम्राज्य की इस लगातार पतली हो रही प्रशासनिक पकड़  का

कुछ शक्तिशाली सरदारों ने भरपूर फायदा उठाया,

जो वास्तव में महात्वाकांक्षी तथा चालबाज थे।

इस प्रकार मुगल साम्राज्य के पतन में एक बात साफ दिखती है कि जिस 

प्रशासनिक ढांचे ने मुगल सत्ता को मजबूती तथा स्थायित्व प्रदान किया था

उसी के असंतुलन ने मुगल साम्राज्य की नीव हिला दी थी ।

लेकिन याद रखें अतहर अली का यह विश्लेषण

इतना सहज नहीं है।

क्योंकि यह एक ऐसा कारण है जिसने अपने आप में सैकड़ों कारणों को लपेट रखा है। 

तथाकथित वास्तविक कारण 

मुगल साम्राज्य की असफलता का तथाकथित मूल कारण

सांस्कृतिक पिछड़ेपन को भी इतिहास कार मानते हैं।

यह कारण विश्व व्यापी कारण था, क्योंकि यह समस्या पूरे मुस्लिम जगत की समस्या थी।

इसी सांस्कृतिक असफलता ने यूरोपीय सेनाओं द्वारा

भारत और एशिया के दूसरे भागों के उपनिवेश,

संरक्षित राज्य और प्रभाव क्षेत्र बनकर रह जाने से काफी पहले

आर्थिक संतुलन का पलडा यूरोप के पक्ष में झुका दिया था।

कब क्यों कैसे हुआ मुगल साम्राज्य का पतन? का शायद एक उत्तर यह भी है। 

निष्कर्ष 

निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि मुगल साम्राज्य हो या

अन्य कोई साम्राज्य सभी साम्राज्यों का पतन कुछ निश्चित कारणों से होता है और कुछ सामयिक अनिश्चित कारणों से ।

मुगल सा भी इन्हीं दो मूल कारणों का शिकार हुआ ।

प्रशासनिक असफलता और चारित्रिक पतन किसी भी साम्राज्य को उखाड़ देते हैं।

यही मुगल साम्राज्य के भी साथ हुआ।

वहीं सामयिक और तात्कालिक कारणों के हिसाब से दुनिया मे खास कर यूरोप में हो रहे वैज्ञानिक विकास ने भी

परंपराओं में जिंदा रहने वाले समाजों का अस्तित्व छीन लिया था ।

असल बात यह भी थी कि जब बनी बनाई सत्ता मिलती है

तो उसका वास्तविक मूल्य उसे पाने वाले को कभी पता नही चलता।

वह इतन मदमस्त हो जाता है कि उसका चरित्र ही कायम नहीं रह पाता।

और यह चारित्रिक घटिया पन जिंदगी के हर हर्फ को प्रभावित करता है।

इस तरह हम अब खुद समझ सकते हैं कि

कब क्यों कैसे हुआ मुगल साम्राज्य का पतन ? 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 01082018

 

 

 

 

 

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