भारत की वैदिक सभ्यता

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भारत की वैदिक          सभ्यता 

भारत की वैदिक सभ्यता अगर आप सच में जानने के इच्छुक हैं तो ,

आपको सबसे पहले यह समझना होगा कि वैदिक शब्द वेद से बना है ।

वेद का अर्थ होता है “ज्ञान “।

भारत में सैंधव संस्कृति के पश्चात जिस नवीन सभ्यता का विकास ,

हुआ उसे आर्य सभ्यता के नाम से जाना जाता है ।

आर्य शब्द का अर्थ है श्रेष्ठ या कुलीन ।

आर्यों का इतिहास मुख्यतः वेदों से ज्ञात होता है ।

सम्भवतः वैदिक सभ्यता की रचना का श्रेय आर्यों को दिया जाता है ।

आर्यों का मूल निवास 

भारत की वैदिक सभ्यता की सबसे बड़ी विशेषता और उलझन यही है कि ,

आर्यों के मूल निवास को लेकर काफी मतभेद दिखाई पड़ते हैं ।

आर्यों का मूल स्थान निम्न लिखित स्थानों को माना जाता है ।

कश्मीर अथवा हिमालय क्षेत्र,

●ब्रम्हरषि देश,

●सप्त सैंधव प्रदेश,

●देविका प्रदेश,

●दक्षिणी रूस

●,मध्य एशिया

●उत्तरी ध्रुव,

●तिब्बत,

● जर्मनी,

● हंगरी ।।।

आदि को आर्यों का मूल स्थान मानने वाले इस प्रकार हैं ।

क्रमशः ●एल डी कल्ल,

●पंडित गंगा नाथ झा,

●डाक्टर अविनाश चंद्र दास,

●डी एस त्रिवेदी,

●गार्डन चाइल्ड एवं नेह रिंग,  ●मैक्समूलर,

●पंडित बाल गंगाधर तिलक,

● स्वामी दयानंद सरस्वती,

●हर्ट एंड पेका एवं

● गाइलस् आदि ।

वैदिक कालीन संस्कृति 

वैदिक सभ्यता को बेहतर ढंग से जाननेके लिए संस्कृति का जानना भी बेहद महत्वपूर्ण है ।

वैदिक काल को दो भागों में बांटा जाता है

●ऋग्वैदिक काल अथवा पूर्व वैदिक काल 1500 ईसापूर्व से 1000 ईसा पूर्व तक ।

●उत्तर वैदिक काल 1000से 600 ईसापूर्व तक ।

ऋग्वैदिक काल का इतिहास पूर्णतः वेदों से प्राप्त है ।

ऋग्वेद में लोहे का उल्लेख नहीं आता ,जबकि उत्तर वैदिक काल में लोहे का वर्णन मिलता है ।

ऋग्वेद में अफगानिस्तान की 4 नदियों कुमु,कुम्भ, गोमती, सु वास्तु, का उल्लेख मिलता है ।

ऋग्वेद में सप्त सैंधव प्रदेश की 7 नदियों का उल्लेख मिलता है ।यह सात नदियां हैं

●सरस्वती

●बिपाशा

●परुषणी,

●वितसता,

●सिन्धु

●शुतुद्री

●असकिनी ।

ऋग्वेद में यमुना नदी का तीन बार तथा गंगा नदी का एक बार   उल्लेख मिलता है ।

इसमें कश्मीर की एक नदी मरुदवृधा का भी उल्लेख मिलता है ।

ऋग्वेद में सिन्धु नदी का सर्वाधिक उल्लेख मिलता है ।

जब कि इस काल की सबसे पवित्र नदी सरस्वती थी ।

सरस्वती को नदीतमा यानी नदियों में प्रमुख कहा गया है ।

गंगा यमुना के दोआबा एवं उसके समीपवर्ती क्षेत्र को ब्रह्मरषि देश कहा गया  है ।

हिमालय और विन्ध्याचल पर्वतों के बीच को मध्य देश कहते थे ।

कालांतर मैंने आर्यों ने सम्पूर्ण उत्तर भारत में कब्जा कर लिया ,जिसे  आर्यावर्त कहा गया ।

वैदिक काल के प्रमुख देवता हैं इंद्र, वरुण, मित्र, ना सत्य आदि ।

वैदिक साहित्य

भारतीय वैदिक साहित्य को श्रुति कहते हैं इसका अर्थ है “सुना हुआ “।

भारतीय साहित्य में वेद सर्वाधिक प्राचीन हैं ।

वेद चार हैं इनके नाम हैं

●ऋग्वेद

●सामवेद

●यजुर्वेद

●अथर्ववेद ।

ऋग्वेद सामवेद यजुर्वेद को वेद त्रयी कहते हैं ।

वेद के 4 भाग होते हैं ।

ये हैं●संहिता

● ब्राह्मण ग्रंथ

●आरणयक और

●उपनिषद ।

ऋग्वेद मे कुल 10 मंडल 1028 सूक्त हैं ।ऋग्वेद के तीसरे मंडल में गायत्री मंत्र है ।

राजनीतिक संगठन 

जन का अधिपति राजा कहलाता था ।

कुलप परिवार का स्वामी अथवा बड़ा भाई होता था ।

ग्राम का मुखिया ग्रामणी कहलाता था ।विश का प्रमुख विश पति  कहलाता था ।

धन्यवाद

लेखक :के पी सिंह

24032018

 

 

 

 

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