भारत के प्रसिद्ध मकबरे

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भारत के प्रसिद्ध मकबरे 

भारत के प्रसिद्ध मकबरे के बहाने आज मैं आपको भारत की

चंद खूबसूरत इमारतों की झलक दिखाना चाहता हूं।

दोस्तों, भारत के प्रसिद्ध मकबरे सच कहें तो केवल इमारतें ही नहीं हैं

बल्कि यह तत्कालीन भारत की स्थापत्य कला के बेहतरीन उदाहरण भी हैं ।

इतिहास में मकबरों का अपना एक खास स्थान है, क्योंकि

मकबरे किसी भी निर्माण कर्ता की सोच को

सहजता से कहने में सक्षम होते हैं।

दोस्तों, भारत के विश्व प्रसिद्ध मकबरे ताज महल के बारे में बात करें

तो यह वास्तव में मुमताज महल तथा शाहजहां का मकबरा है।

उत्तर प्रदेश के आगरा में  इस मकबरे का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने

अपनी पत्नी अर्जुमंद बानों बेगम मुमताज महल की याद में करवाया था।

इसका निर्माण कार्य 1631 में आरम्भ हुआ था जो आगे 20 सालों तक चलता रहा था।

ताजमहल 18 फीट ऊंचे चबूतरे पर स्थित संगमरमर से बनी

वह बेहतरीन  इमारत है

जिसे देखने के लिए आज पूरी दुनिया से पर्यटक आते हैं।

ताजमहल एक आयताकार इमारत है।

इमारत के चारों किनारों पर आकर्षक मीनारें हैं ।

उस्ताद अहमद लाहौरी विश्व प्रसिद्ध इस नायाब इमारत के प्रमुख वास्तुकार थे ।

वर्ष 1983 में यूनेस्को ने ताज महल को विश्व विरासत सूची में शामिल किया था। 

एत्माद-उद-दौला का मकबरा 

आगरा में यमुना नदी के किनारे स्थित

इस मकबरे का निर्माण 1626/28 के बीच नूरजहाँ ने

अपने पिता मिर्जा ग्यास बेग की याद में करवाया था ।

यह प्रसिद्ध मकबरा चार बाग प्रणाली के एक बाग के मध्य में बना हुआ है।

यह चारों ओर से ऊंची दीवारों से घिरा हुआ है।

यह उठी हुई बलुआ पत्थर के चबूतरे पर खड़ संसंगमरम की इमारत है 

इस मकबरे में एक समानांतर चतुर्भुजीय कक्ष है

जिसमें वजीर तथा उसकी बेगम अस्मत बेग की तस्वीर मौजूद है।

इस मकबरे की एक खास विशेषता यह है कि इस मकबरे में

पहली बार पित्राड्यूरा कला का प्रयोग किया गया था। 

अकबर का मकबरा 

आगरा के सिकंदरा में स्थित इस मकबरे का

निर्माण कार्य खुद अकबर ने 1605 में प्रारंभ कराया था

जिसे उसके बेटे जहांगीर ने 1613 में पूर्ण कराया था ।

इस मकबरे का निर्माण संगमरमर तथा बलुआ पत्थर से किया गया था।

इसमें इस्लामिक और हिन्दू वास्तुशैली का प्रयोग किया गया है।

इसमे प्रयुक्त संगमरमर में खूबसूरत नक्काशी की गई है।

इसे आभूषणों से सजाया गया है। यह मकबरा

पांच मंजिला एवं पिरामिड के आकार का है।

इसके निर्माण में कम्पास का सहारा लिया गया था।

शेरशाह का मकबरा 

बिहार के सासाराम में स्थित यह मकबरा शेरशाह सूरी ने 1545 में बनवाया था।

यह मकबरा अकबर के पहले हिन्दू मुस्लिम स्थापत्य कला का

सबसे खास उदाहरण है ।

सरोवर के बिल्कुल बीच में स्थित यह अष्टकोणीय इमारत है ।

इसमें 8 दीवारें हैं। इसका मुख्य गुम्बद 122फीट ऊंचा है।

यह इमारत 30 फुट ऊंचे चबूतरे पर एक तालाब के बीच में

लगभग 3000वर्ग फुट के धरातल पर बना हुआ है। 

हुमायूं का मकबरा 

दिल्ली में दीन पनाह यानी पुराने किले के पास स्थित

इस मकबरे का निर्माण हुमायूं की बीबी हमीदाबानूबेगम ने

1562से 1572 के बीच कराया था।

हिन्दुस्तानी फारसी कला का यह एक नमूना है, 

इसका वास्तुकार मिर्जा ग्यास था जो कि बुखारा

का रहने वाला था।

1993 में इसे यूनेस्को ने अपनी सूची में शामिल किया था। 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 12082018

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