महात्मा गांधी को कितनी गोली लगी थीं?

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महात्मा गांधी को कितनी गोली लगी थीं 

महात्मा गांधी की जब हत्या हुई थी तब वास्तव में उन्हें कितनी गोली मारी गई थीं?

ताज्जुब यह है कि आज तक इस सवाल का सही जवाब किसी को नहीं मिला।

कांग्रेस की बात करें तो एक तरफ वह भगतसिंह की मौत में सहानुभूति का नाटक कर रही है,

वहीं आजतक वह गांधीजी की हत्या की न तो FIR लिखा सकी और न ही,

गांधीजी को कुल कितनी गोली लगीं? इसका पता  लगा सकी।

दुखद बात यह है कि गांधी जी की हत्या की किसी राह चलते अनजान व्यक्ति ने  FIR लिखवाई थी, 

याद रखें यह fir  हिन्दी में नहीं थी।

यह उर्दू और फारसी में थी। 

गांधी जी की हत्या की fir का हिन्दी में अनुवाद पचासों साल बाद किरन बेदी ने कराया था। 

कितनी गोली लगीं तीन या चार 

महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 की शाम 5:12 बजे,

दिल्ली स्थित बिड़ला हाउस के बाहर बेरेटा एम.

1934 सेमी आटोमैटिक पिस्तौल से गोली मार दी थी।

हालाँकि गांधी जी की हत्या के मुकदमे में गोडसे के तीन गोलियां चलाने का जिक्र है।

लेकिन पंकज फडनवीस ने 2016 में अदालत में

एक नया तथ्य यह रखा कि महात्मा गांधी को तीन नहीं चार गोलियां लगी थीं। 

समाज सेवी फड़नवीस के अपने तर्क 

अपने कथन की पुष्टि में फड़नवीस का कहना है कि गांधी जी की हत्या के अगले दिन,

पाकिस्तान के अखबार डान में चार गोलियां चलने का जिक्र है।

भारत में प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबार द हिन्दू में छपी,

महात्मा गांधी की तस्वीर में भी चार गोलियां लगी दिखाई दे रही हैं।

यह तस्वीर सरकारी एजेंसी PIB ने जारी की थी।

मराठी दैनिक लोक सत्ता एवं अंग्रेज़ी दैनिक टाइम्स ऑफ इंडिया में भी,

चार गोलियां लगने की ही खबर प्रकाशित हुई थी।

इतना ही नहीं महात्मा गांधी की हत्या के समय मौजूद चश्मदीदों ने भी,

चार गोलियों के चलने की बात कही थी।

इन गवाहों में दो प्रमुख गवाह थे, के सी राय तथा अमेरिकी रिपोर्टर विंसेंट शीन।

फड़नवीस का कहना है कि विंसेंट शीन की गवाही

तो आज भी बिड़ला हाउस में पैनल पर मढवा कर

लगी हुई है, इसमें चार गोलियों की बात कही गई है।

इसके अलावा 19 फरवरी 1948 को तत्कालीन सोवियत संघ में भारत की राजदूत रहीं,

विजय लक्ष्मी पंडित की ओर से आयोजित आधिकारिक शोक सभा में,

आए कई देशों के राजदूतों ने उन्हें बताया था कि महात्मा गांधी की हत्या अंग्रेजों ने कराई है। 

क्या गांधीजी की हत्या एक रहस्य है 

सुप्रीम कोर्ट में 2016/17 में एक अजीब याचिका दाखिल की गई थी।

इसमें कहा गया था कि महात्मा गांधी की हत्या की जांच फिर से की जाए।

याचिका में हत्या कांड से जुड़े कई सवाल उठाए गए थे।

अभिनव भारत के ट्रस्टी एवं शोधकर्ता डाक्टर फड़नवीस द्वारा यह याचिका दाखिल की थी।

निष्कर्ष के रूप में  यही कहा  जा  सकता है  कि जिस आदमी ने,

देश के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी थी, 

आज उसी की हत्या की सच्चाई किसी को पता नहीं है।

आपको बता दें जब गांधी जी की हत्या हुई थी उससे भी पहले कई बार ऐसे प्रयास हो चुके थे।

इसके बाद भी कांग्रेस या फिर कांग्रेसी सरकार का उदासीनता दिखाना,

क्या इस बात का जीता जागता प्रमाण नहीं है कि

भगतसिंह की फांसी में विलाप करने वाली कांग्रेस के लिए  अहम सत्ता थी, गांधी या भगतसिंह नहीं। 

 

धन्यवाद KPSINGH 15052018

 

 

 

 

 

 

 

3 COMMENTS

  1. Acchi Jaankaari di sir aapne…
    M bhi aapki tarah bloging karna chahti hun kintu computer aadi ka gyan adhik na hone ke karan kaam nahi kar pa rhi hun..
    Kya aap meri shayta karengen sir ?
    Kya aap apna no. de sakte hain sir ??

    • जी कनिका जी आप की मै सहायता करूंगा। यदि मुझे कुछ पता होगा तो मैं जरूर बताऊंगा। आप निश्चिंत रहें। मेरा नम्बर है 6394253859.

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