आपके शहर भट्ठी बन चुके हैं

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आपके शहर भट्ठी बन चुके हैं! 

आपके शहर भट्ठी बन चुके!
और आपको शायद इस बात इल्म तक नहीं है ।
आप सोच रहे होंगे कि आज आचानक मैं यह क्या लिख रहा हूँ ।
तो भाइयों बहनों सावन जरूर चल रहा है लेकिन मैं बनारस से बहुत दूर रहता हूँ,
इसलिए आप निश्चिंत रहें मैने सचमुच भांग नहीं खाई है ।
आपके शहर भट्ठी बन चुके हैं, यह मैंने यूं ही नहीं लिख दिया है। 
बल्कि आपके शहर भट्ठी बन चुके हैं। 
इसे लिखने का मेरे पास ठोस आधार और पर्याप्त सुबूत है।
दोस्तों यह सच है कि दुनिया के जितने भी बड़े बड़े शहर हैं
वे सब लगातार एक जलती हुई भट्ठी में बदल रहे हैं। 

बढ रहा है शहरों का तापमान 

आपके शहर भट्ठी बन चुके हैं!

अर्थात अर्बन हीट आइसलैंड प्रभाव से बढ रहा है पूरी दुनिया के शहरों का तापमान।

दोस्तों यह कोई कोरी कल्पना नहीं है बल्कि यह हकीकत

अमेरिका के जार्ज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की

अर्बन क्लाइमेट लैब के वैज्ञानिकों का कहना है।

इन वैज्ञानिकों के मुताबिक आनेवाले दिनों में अन्य क्षेत्रों के मुकाबले

दुनिया के बड़े शहरों का तापमान काफी ज्यादा बढ़ जाएगा।

लैब के वैज्ञानिकों ने कहा है कि शहरों में लगातार बन रहीं गगनचुंबी इमारतें

साथ ही साथ सड़कों पर दौड़ रहे वाहन सभी मिलकर

इन शहरों को एक जलती हुई भट्ठी में तब्दील कर देंगे ।

हो सकता है इन लाइनों को पढकर कुछ लोग पूछ बैठें ऐसा क्यों और कैसे होगा?

तो उनके लिए जवाब है कि ऐसा होगा अर्बन हीट आई लैंड प्रभाव के चलते।

अर्बन आई लैंड हीट प्रभाव  में सौर विकिरण इमारतों के

कंक्रीट के बीच में फंसा रह जाता है ।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि शहरों में इस प्रभाव को

खत्म करने का कोई हल या निदान नहीं है और न ही किसी शहर में

इस तरह की अनोखी व्याधि को लेकर कोई चिंता है।

सच कहें तो हालात कुछ ऐसे बन रहे हैं कि आने वाले दिनों में

इन शहरों में रहने वाले लोगों को मुश्किल से मुश्किल दिनों से गुजरना पड़ सकता है।

क्योंकि लगातार कम हो रहे पेड़ो के कारण

उत्सर्जन को सोखने वाला भी कोई मुश्किल से ही मिलेगा । 

अर्बन हीट आइलैंड्स इसे यूं समझिए 

जब बड़े शहरों में ऊंची इमारतों और वाहनों से निकलने वाली 

गर्म हवा और उसके साथ मिली हुई कार्बन को

वातावरण में समाहित होने का कोई रास्ता या उपाय नहीं दीखता,

तब यह इमारतों के बीच में ही फंस जाता है।

इसमें जब सौर विकिरण मिल जाता है तो वह कोढ में खाज बन जाता है।

इसका मतलब यह होता है कि इस प्रकार के शहर दिन हो या रात

हर वक्त अधिक तापमान अपने में लपेटे रहते हैं और अंदर ही अंदर

गर्म जलती हुई भट्ठी का रूप धर लेते हैं ।

परिणाम स्वरूप इन शहरों का तापमान सदैव ज्यादा रहता है।

इसी स्थिति की वजह से इन्हें गर्म टापू या अर्बन हीट आइलैंड्स नाम दिया गया है। 

भट्ठी बने शहर

अर्बन हीट अइलैंड्स प्रभाव के चलते सूरज ढलने के बाद भी

शहरों का तापमान कम नहीं होता।

बल्कि इमारतों के बीच फंसा उत्सर्जन वातावरण में घुलकर तापमान को और भी बढाता है।

इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि इस तरह बडे़ शहर

दिन में तो भयंकर गर्मी से जूझते ही हैं रात में यही शहर जलती हुई भट्ठी का काम करते हैं ।

अमेरिका के राज्य एरिजोना की राजधानी और

यहां के सबसे बड़े शहर फीनिक्स का हाल आजकल बेहद बुरा है।

यहां का तापमान 1 डिग्री प्रति दशक के हिसाब से बढ रहा है।

पूरी पृथ्वी के तापमान बढने से तीन गुना अधिक तेजी के साथ यहां का तापमान बढ रहा है। 

किन शहरों में ज्यादा खतरा 

मिस्र का काहिरा, भारत का मुम्बई, जोहांसबर्ग दक्षिण अफ्रीका

अमेरिका का मैक्सिको सिटी और चीन के नानजिंग शहर में

इस  तरह का खतरा सबसे ज्यादा है ।

यहां रात के  तापमान में 5.5 डिग्र कीकी बढत संभव है। 

ऐसे में क्या करें? 

आपके शहर भट्ठी बन चुके हैं!
या फिर बनने के बेहद करीब हैं तो सवाल उठता है कि आम आदमी
ऐसी परिस्थिति में इस सब कष्टकारी प्रभाव से कैसे बचे ?
🔴शहरों में ग्रीन  स्ट्रक्चर को न केवल बढावा देना होगा,
बल्कि इस बात को अपनी आत्मा मे उतारना होगा
कि जीवन और जिंदगी के लिए पेढ से बढकर कुछ नहीं।
🔴ऊर्जा की कम खपत और ज्यादा बचत हो इसका ख्याल रखना चाहिए। 

 

 

 धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 29072018

 

 

 

 

 

 

 

1 COMMENT

  1. मानव जीवन को बचाये रखना है तो पर्यावरण, जल, वायु, ताप से होने वाले दुष्प्रभावों को समझने का अंतिम समय आ गया है | यदि अब भी देरी की और आँख मूंदे रहे तो यह आत्महत्या के समान होगा |

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