क्या भविष्य में दुनिया से सर्दी खत्म हो जाएगी?

0
141

क्या भविष्य में दुनिया से सर्दी खत्म हो जाएगी?

 

आज यह सवाल कि क्या भविष्य में दुनिया से सर्दी खत्म हो जाएगी?

 केवल मेरा नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के सबसे नामचीन ,

वैज्ञानिकों और पर्यावरण पर काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का है ।

शायद इस लेख को पढने वाले हर व्यक्ति को भी पता होगा,

कि वर्ष 2015/16/17 इतिहास में सर्वाधिक गर्म सालों में लगातार शामिल होते रहे हैं।

जरा सोचिए,

लगातार बढती हुई गर्मी से हम भारत वासी ही नही, और न ही अफ्रीकन ,

बल्कि आज की हकीकत यह है कि आस्ट्रेलिया, अमेरिका, इंग्लैंड भी परेशान हैं ।

इस समस्या से सभी निजात चाहते हैं लेकिन समस्या है कि खत्म होने का नाम नही ले रही ।

दुनिया से लगातार खत्म होती सर्दी के प्रमाण

दुनिया से लगातार खत्म होती सर्दी के संदर्भ यदि हम बात भारत की करें तो,

हमें संयुक्त राष्ट्र संघ के जलवायु परिवर्तन संबंधी नियामक की इस बात पर गौर फरमाना होगा।

संयुक्त राष्ट्र संघ के नियामक अंतर सरकारी पैनल की पांचवी रिपोर्ट इस बात का खुलासा करती है कि ,

भारत मे पिछले 100 सालों में पृथ्वी की सतह का तापमान लगभग 0•80 डिग्री सेल्सियस बढा है ।

बात पूरी दुनिया की करें तो ज्यादा पीछे जाने की जरूरत नही है आपको ।

मई 2017 में ही इस बात के प्रमाण मिल जाएंगे जिससे आप कहेंगे कि  भविष्य मे सर्दी पूरी दुनिया से खत्म हो जाएगी ।

क्या भविष्य में दुनिया से सर्दी खत्म हो जाएगी यह केवल सवाल भर नही है बल्कि एक सच्चाई है।

नासा ने बताया दुनिया में गर्मी का हाल

आपको बता दें कि पूरी दुनिया में  तापमान का लेखा जोखा रखने की आधुनिक व्यवस्था कुल 137 साल पुरानी है ।

ऐसे में यह सवाल कि कया भविष्य में दुनिया से सर्दी खत्म हो जाएगी? बेहद जरूरी सवाल बन गया है ।

नासा के गोडार्ड इंस्टीट्यूट फार स्पेस स्टडीज के वैज्ञानिकों ने बताया है कि विश्व भर में 6300 मौसम विज्ञान स्टेशनों,

समुद्र की सतह का तापमान नापने वाले उपकरणों और अंटार्कटिक अनुसंधानस्टेशन के सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध डेटा  का

विश्लेषण करने के बाद यह पाया गया है कि आजकल हर वर्ष पृथ्वी गर्मी का रिकॉर्ड बना रही है ।

दुनिया से खत्म होगी सर्दी तो चलेंगे गर्मी के तूफान

क्या  भविषय में दुनिया से सर्दी खत्म हो जाएगी?

सवाल के जवाब मे यह कहा जा रहा है कि उत्तरी ध्रुव का तापमान शून्य से दो डिग्री ऊपर जा चुका है ।

नोट :याद रखें उत्तरी ध्रुव के तापमान में दो डिग्री की कमी सामान्य बात नही है

बल्कि यह आधुनिक दुनिया का सबसे बड़ा अपवाद है ।

उत्तरी ध्रुव के इस तरह बढते तापमान  को ही वैज्ञानिकों ने  सर्दी की मौत कहा है ।

मौसम की यह मार

मौसम की यह मार केवल उत्तरी ध्रुव या किसी खास देश तक सीमित नही है

बल्कि मौसम की यह उल्टी दौड़ भारत समेत पूरी दुनिया मे जारी ।

एशिया पर मौसम एजेंसी एक्यू वेदर की रिपोर्ट मानें तो अप्रैल और मई में

फिलीपींस से लेकर भारत के पूर्वी तट तक एक के बाद एक भीषण गर्मी भरे तूफान आएंगे ,

जो इस बात की गवाही देंगे कि यह कोई अफवाह नही बल्कि सच्चाई है कि भविष्य में दुनिया से सर्दी खत्म हो जाएगी।

जिसका कारण यह लगातार बढता दुनिया का  तापमान है ।

क्या कहते हैं मौसम विज्ञानी

इन गर्मियों में ला निना के प्रभाव से हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में मॉनसून से पहले कई तूफान आएंगे

तो दूसरी तरफ रूस की वोलगा घाटी क्षेत्र समेत एशिया का बड़ा हिस्सा सूखे की चपेट में रहेगा।

श्रीलंका ,नेपाल, भूटान और पूर्वी पाकिस्तान में भयंकर तूफान इस बात का बार-बार प्रमाण देंगे,

कि भविष्य में दुनिया से सर्दी खत्म होने की तरफ अग्रसर है ।

इस साल बारिश ने भी दे दिया है संकेत

अगर आप का भी यही सवाल है कि क्या भविष्य में दुनिया से सर्दी खत्म हो जाएगी तो जरा इस ओर नजर घुमाएं ,

मौसम एजेंसी स्काई मेट के वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक बारिश के चलते ही सर्दी लम्बी खिंचती है

लेकिन इस सर्दी के मौसम में बारिश नहीं होने के कारण समय से पहले बढते हुए तापमान के दर्शन प्रारंभ हो चुके हैं ।

इतना ही नहीं इस बार विंटर रेन न होने के कारण 

●भारी बर्फबारी नहीं हुई

●कमजोर  पश्चिमी विक्षोभ देखा गया

●विक्षोभ ने ठंडी उत्तरी हवाएं रोकी

●बंगाल की खाड़ी से आने वाली और दक्षिणी पूर्वी गर्म हवा ने न्यूनतम तापमान बढाया ।

इसे भी समझ लीजिए कि उत्तरी ध्रुव पर 20 मार्च तक सूरज नहीं उगता क्यों कि तब तक वहां भीषण ठंडक रहती है।

लेकिन इस बार ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्रीन लैंड समुद्र में गर्म हवाएं चलने के संकेत हैं ।

तापमान शून्य से बढकर दो डिग्री हो जाएगा जो सामान्य से 30 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है ।

निष्कर्ष के तौर पर मुझे सिर्फ यह कहना है कि

अगर अब भी आपको विश्वास नही होता कि

भविष्य में दुनिया से सर्दी खत्म हो जाएगी तो

आप जगते हुए नहीं शायद सोते हुए इन्सान हैं ।

धन्यवाद

लेखक : के पी सिंह

28022018

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here