क्या है हड्डी की खामोश बीमारी?

6
83

क्या है हड्डी की खामोश बीमारी? 

क्या है हड्डी की खामोश बीमारी?

इसे जानने के पहले या इस सवाल का मुकम्मल जवाब पाने के लिए एक और सवाल का जवाब देना होगा ।

यह सवाल है कि क्या है हमारी आज की जीवन शैली?

यह दूसरा सवाल और उसका जवाब इस लिए जरूरी है ,

क्योंकि इसी के जवाब में बहुत कुछ छिपा है ।

अर्थात यदि आप चाहते हैं कि आप हड्डी की खामोश बीमारी के,

कारण और निवारण की तफ्तीश करें  तो इस प्रश्न को इग्नोर नहीं कर सकते ।

जिसे जानकर, पहचान कर हम खुद इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं ,

कि हमारी हर तरह की बीमारी और हमारी हर तरह की बेहतरी के लिए कोई और नहीं हम खुद ही जिम्मेदार हैं ।

दोस्तों असली बात यह है कि सुबह से शाम तक ,

हम जिस तरह की जीवन शैली में जीते हैं या जिस तरह का,

हम खानपान प्रयोग करते हैं उसी तरह हमारा शरीर भी प्रतिक्रिया व्यक्त करता है।

अगर हम सावधानी से सुरक्षित जीवन शैली अपनाते हैं ,

तो हमें इसके परिणाम सुखद प्राप्त होते हैं लेकिन यदि हम लापरवाही से भरी जीवन शैली अपनाते हैं ,

तो हमें निश्चित ही परिणाम दुखद मिलते हैं।

यह हड्डी की खामोश बीमारी इसी का उदाहरण है ।

क्या है हड्डी की खामोश बीमारी 

हड्डी की खामोश बीमारी को अस्थि क्षय के नाम से भी जाना जाता है ।

राजधानी दिल्ली में किए गए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि अकेले दिल्ली में 9%लोग इस खामोशी के शिकार हैं ।

अस्थि अल्पता के नाम से जाने जानी वाली इस बीमारी का आलम यह है कि

खामोश हडडी की यह खामोशी भारत में प्रति वर्ष ,

एक करोड़ से भी ज्यादा लोगों को  इस मामले के शिकार बनाती है

विशेष बात यह है कि इसकी शिकार महिलाएं ज्यादा होती हैं ।

इससे प्रभावित होने वाली महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में ज्यादा होती है।

आंकड़ों की बात करें तो यह बीमारी 62% महिलाओं को होती है ।

अध्ययन दिल्ली का 

हड्डी की खामोश बीमारी से संबंधित दिल्ली के एक सर्वेक्षण की बाबत बात करें तो ,

दिल्ली के इन्द्र प्रस्थ अपोलो अस्पताल के आरथोपेडिक विभाग की ओर से अरथराइटिस केयर फाउन्डेशन के सहयोग से ,

किए गए इस अध्ययन की रिपोर्ट जो 

इंडियन जर्नलऑफ मेडिकल रिसर्च के नवीनतम मार्च संस्करण में प्रकाशित हुई है ।

उस रिपोर्ट के अनुसार भारत के शहरी इलाकों में लोगो को ,

भयंकर रूप से इस खामोश हड्डी रोग ने गिरफ्त में ले रखा है ।

मेडिकल की भाषा मे इसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं,

और इसकी पूर्व स्थिति को ऑस्टियोपेनिया कहते हैं ।

क्या है बीमारी 

हड्डी की खामोश बीमारी को समझने के लिए हमें ,

इसकी वास्तविकता को समझना होगा कि आखिर यह बीमारी क्या है?

आसटियोपेनिया और बाद में ऑस्टियोपोरोसिस

नामक इस हड्डी की खामोश बीमारी में।

इंसान की हड्डी इतनी भंगुर हो जाती हैं कि गिरने , छींकने, खांसते या झुकने मात्र से हड्डियों में फ्रैक्चर हो जाता है ।

इससे होने वाले फ्रैक्चर सबसे ज्यादा कूल्हे, कलाई या रीढ की हड्डी में होते हैं ।

इस बीमारी का तब तक पता नहीं चलता जब तक फ्रैक्चर हो नहीं जाता ।

इस बीमारी के कारण दुनिया में हर साल लाखों लोग फ्रैक्चर का शिकार होते हैं ।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ 

विशेषज्ञों के अनुसार खामोश हड्डी नामक इस बीमारी को,

ज्यादातर शहरी इलाके में देखा जा रहा है जो इस बात का संकेत है कि ,

शहरी खानपान, रहन-सहन और जीवन शैली आज इस कदर मनुष्य की जिन्दगी को नकारात्मकता से प्रभावित कर रही है कि ,

एक दिन हमें बहुत बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है ।

 

धन्यवाद

लेखक : के पी सिंह

31 032018 

 

 

6 COMMENTS

  1. हम अपनी ही कार्यशैली से अपना नुकसान कर रहे हैं | पोस्ट के माध्यम से ध्यानाकर्षण करवाये |इसके लिए धन्यवाद |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here