विश्व के महानगरों में जल संकट

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विश्व के महा नगरों में जल संकट 

इससे बड़ी विडम्बना और क्या हो सकती है कि ,

जिन आधुनिक शहरों को अभी कुछ दिन पहले अपने आप में गर्व होता था ,

आज वह इस कदर जल संकट से त्रस्त हैं कि ,

न तो उनके पास नहाने का पानी है  और न ही उनके पास अपनी प्यास बुझाने के लिए दो बूंद पानी ही है ।

एक ताज्जुब वाली बात यह है कि ,

दुनिया के सबसे सम्पन्न शहर में सुमार शहरों का वह हाल है ,

जिस पर सोचने पर विवश होने का मन कर रहा है ।

इस समय दुनिया के एक चौथाई शहर जल संकट की चपेट में हैं ।

एक रिपोर्ट के अनुसार  इस समय पूरी दुनिया में जल संकट से विश्व के 11 शहर इस कदर जूझ रहे हैं कि ,

यहां न तो पीने का पानी है और न ही नहाने का कोई चांस ।

इन सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में भारत का   शहर बेंगलुरु भी शामिल है  ।

जल संकट से जूझ रहे विश्व के अन्य शहर कौन से हैं,

आइए जानने की कोशिश करें ।

बूंद बूंद को तरसते यह 11 शहर

आपकी सुविधा के लिए बता दें कि जो शहर इस समय,

बहुत बड़े जल संकट से विश्व स्तर पर जूझ रहे हैं ,

उनमें भारत का एक शहर बेंगलूर शामिल है।

भारत के बेंगलुरू के अलावा अन्य शहर हैं

●जकार्ता

●बेंगलुरु

●बीजिंग

●मास्को

●मेक्सिको सिटी

●लंदन

●टोक्यो

●मियामी

●इस्तानबुल

●साऊपाउलो

●काहिरा आदि 

कितनी भयानक स्थिति है?

विश्व के 11 महा नगर भयानक जल संकट से जूझने वाले हैं ।

इनकी भयानक स्थिति का हाल यह है कि

भारत में ही भारत वासियों के लिए पानी की उपलब्धता 74%तक कम हो गई है ।सन 2025 तक देश में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता 1340 घन मीटर और 2050 तक यह 1140 घन मीटर   होने वाली है ।

हमारे देश में 1947 में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता 6042 घन मीटर थी जो आज घटकर 1545 घन मीटर रह गई है ।

72% कुल वैश्विक भूमिगत जल का उपयोग भारत चीन पाकिस्तान अमेरिका सहित 10 देशों में होता है।

आपको बता दें भाखड़ा नांगल बांध में उपलब्ध कुल पानी का 26 गुना अकेले भूमिगत जल के रूप में भारत प्रयोग करता है ।

केपटाउन का हाल

केपटाउन दक्षिण अफ्रीका का   हाल यह है कि यहां बस केवल चार माह का पानी बचा है ।

यहां की कुल आबादी 43 लाख है जो

केवल दो दशक में 79%होने से हुई है ।

यहां फरवरी 2018 में प्रति व्यक्ति पानी

की खपत घटाकर 50 ली कर दी गई है ।यहां के लिए खास चेतावनी यह है कि

सम्भावना यह है कि अगस्त 2018 में इस सुविधा को ही वापस  लेना पड़ सकता है ।

मैक्सिको सिटी का

यहां की आबादी 2•1 करोड़ है ।

इस शहर की जरूरत का 40%पानी बाहर से आता है ।

यहां  40 %का 40%पाइप लाइन रिसाव से बह जाता है ।

यहां की 20% आबादी के लिए केवल 2 घंटा पानी की सप्लाई की जाती है ।

यहां पुलिस बांटती है पानी

शायद आपको यकीन न हो पर यह सच है कि,

साओ पाउलो ब्राजील का वह शहर है जहां ,

पुलिस की सुरक्षा में पानी का टैंकर कई जगहों में पहुंचाया जाता है ।

यहां की आबादी 2•11 करोड़ है ।यहां 2015 में भीषण सूखा पड़ा था ।

भारत का बेंगलुरु भी संकट में

भारत का सबसे प्रसिद्ध शहर बेंगलुरु आज इसी पानी की किल्लत का उदाहरण बन गया है ।

यहां की आबादी एक सौ तेइस लाख है ।यहां के पाइप लाइन से ही 50%पानी रिसाव में बर्बाद हो जाता है ।

बेंगलूर में एक भी झील ऐसी नहीं है जिसका पानी सीधे नहाने या पीने में इस्तेमाल किया जा सके ।

यहां की 85%झीलों का पानी केवल सिंचाई लायक है ।

धन्यवाद

लेखक: के पी सिंह

23032018 

 

 

 

 

 

 

8 COMMENTS

  1. सही है सर् पानी है तो जीवन है।
    पानी बचाओ अभियान चलाया जाना बेहद जरूरी

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