हमारे भाग्य का निर्माता कौन है?

15
246

  हमारे भाग्य का    निर्माता  कौन है? 

 

हमारे भाग्य का निर्माता कौन है?

जी हां, दोस्तों यह एक ऐसा सवाल है जिसका उत्तर हम सब जानना चाहते हैं ।

क्योंकि सच्चाई यह है कि आज यह एक ऐसा सवाल है,

जिसके उत्तर में सब की दिलचस्पी है ।

क्या पढा लिखा, क्या गैर पढा लिखा ।

सभी को आज इस सवाल के जवाब की सिददत से तलाश है ।

किसी न किसी रूप में समाज में सभी लोगो के मन में यह सवाल पाया जा सकता है।

फिर चाहे वह कोई  पाढ़ा लिखा प्रोफेशनल व्यक्ति हो या फिर,

कोई दीन दुनिया से बेखबर कोई साधारण से साधारण इंसान ही क्यों नहीं हो

हमारी उत्सुकता और हमारा भाग्य निर्माता 

हम सभी को यह जानने की  उत्सुकता बराबर बनी रहती है कि आखिर मनुष्य का भाग्य का निर्माता कौन है?

यह एक ऐसा प्रश्न है  जो किसी न किसी रूप में समाज में सभी लोगो के मन में पाया जा सकता है।

आप  यह कतिई नहीं कह सकते कि नहीं, हमें  ऐसी कोई उत्सुकता नहीं है।

हमारा भाग्य निर्माता  बनाम ईश्वर 

कुछ लोगों का विचार है कि ईश्वर हमारे भाग्य को पहले से ही लिखता है,

अर्थात् हमें  क्या बनना है या क्या नहीं बनना यह बहुत कुछ भाग्य निर्माता  ईश्वर के हांथ में है। 

जो हमारे साथ साथ पूरी दुनिया के भाग्य का लेखा-जोखा रखता है।

हमें हमारे भाग्य के निर्माता यानी ईश्वर से  जो कुछ मिलना होता है वह मिल जाता है।

यह सब समझने का एक अर्थ यह भी होता है कि हम मानते हैं कि,

हमें अपने  खुद के लिए  कुछ भी   नहीं करना

क्योंकि जो भी हमारे भाग्य में लिखा है वही होने वाला है।

जबकि सच्चाई यह है कि हमारा यह विचार भी सोचने योग्य है।

क्योंकि हमारे भाग्य का निर्माता कोई  और नही स्वयं ईश्वर  है। 

भाग्य का निर्माता बनाम हमारा कर्म 

ईश्वर यद्यपि संसार का मालिक है ,

परन्तु इसके बावजूद कुछ लोगों का मानना ​​है कि यह सच नहीं है कि ईश्वर हमारे भाग्य का  निर्माता है।

या फिर ईश्वर हमारे भाग्य को पहले से ही तय करता है।

इस के लिए हमें उसकी इच्छा मानकर अपनी भक्ति को स्वीकार करना चाहिए,

जो लोग इस विचार  धारा को  मानते हैं उनका कहना है कि वास्तव में हमारा भाग्य किसी निर्माता से निर्मित नहीं है,

 

हम खुद के अपने भाग्य के स्वामी हैं

अर्थात् ईश्वर द्वारा नहीं बल्कि हमारे आचरण और कर्मों के अनुसार हमारे भाग्य की स्थापना होना चाहिए।

कर्म वीर और हमारे भाग्य का रहस्य 

इस संसार में जो भी व्यक्ति अपनी कर्तव्य को महत्व देता है,

उसका कहना है कि जो कुछ भी हम मनुष्य के जीवन को प्राप्त करने के बाद अच्छे बुरे कर्म करता है उसी के अनुसार हमारा भाग्य भी अच्छा या बुरा बनता है।

अपनी अपनी ज़िन्दगी ही वास्तव में हमारे भाग्य के निर्माता या मालिक हैं

परन्तु कुछ लोग जो ईश्वर को बीच में शामिल करते हैं तो उनका उद्देश्य अपनी ड्यूटी या अपने कामों का फल से भागने के लिए होता है।

बस इसी लिए वह बीच में ईश्वर या भाग्य को लाएगा

हमारे भाग्य के निर्माता और पैंतरेबाजी 

क्योंकि हर आदमी को अपनी कर्मों पर नहीं बल्कि अपने भविष्य के लिए सुखद और अच्छे होने पर ज्यादा ध्यान रहता है,

इसलिए विश्व में भाग्य के पैटलबारी का विकास हुआ

और यह क्रम सैकड़ों वर्षों से अबाध चल रहा है।

किसी समय में राजा-महाराजा बकायदा राज ज्योतिष रखते हुए थे, जिनके काम झूठ बोलने पर टिका था।

अर्थात् वह खुद को अपने भाग्य को बनाते हैं न कि अपनी मालिक अर्फ राजा का  

मजेदार बात यह है कि आज भी यह कायम है हाँ आज उसका  रूप बदल गया है

लेकिन असलियत जरा भी ना बदल दिया है।

आज भी बड़े बड़े राजनेता, अभिनेता   इसी लकीर के फकीर बनने के लिए और भाग्य को जानने के लिए हर क्षण ललायित दिखाई देते हैं।

भाग्य का निर्णय बनाम हमारा भविष्य 

यह सच है कि भाग्य हर व्यक्ति के हांथ में होता है, लेकिन हम अपनी जिम्मेदारी का एहसास से दूर हो जाते हैं।

इसलिए भाग्य की कहानी हमें अधिक आकर्षित करती है

सच कहें तो हम इसी के लिए भाग्य को जानने के लिए हर समय संजीदा रहते हैं, 

 परन्तु जिसने अपना कर्म और अपनी निपुणता पर भरोसा किया है तो वह भाग्य पर नहीं, अपनी खुद की मेहनत पर अधिक ध्यान देते हैं।

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 22032018

 

15 COMMENTS

  1. यह एक बहुत रूचिकर विषय है क्योंकि दोनों पक्षथरों की संख्या में कमी नहीं है |

    • सही कहा आपने लेकिन हमें अपना दृष्टिकोण तो विकसित ही करना पड़ेगा ।

  2. मनुष्य को अगर कर्म और भाग्य दोनों का साथ मिल जाए तो उसे सफलतम व्यक्तियों में शामिल होने से कोई नही रोक सकता

    • यह बहुत आसान है
      कोई भी व्यक्ति यदि अपने कर्म पर ध्यान दे तो भाग्य स्वयं सही हो जाएगा

  3. Sahi kha Aapne sir ..
    Kyunki hmare haath m kevel karma Karna hai jaisa bhi hum karenge vaisa hi hmare samne aayega ..
    Accha ya bura

  4. जैसा कर्म करेंगे वैसा हि भाग्य होगा , सही कहा आपने सर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here