मानव की मूर्खता है केरल की बाढ़ का असली कारण

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मानव की मूर्खता है केरल की बाढ़ का असली कारण 

मानव की मूर्खता है केरल की बाढ़ का असली कारण।

सुन कर ताज्जुब होता है कि जो आदमी आज चांद में चहलकदमी कर रहा है

वह जीवन और जिंदगी की रत्तीभर  हकीकत क्यों नहीं जानता।

केरल की बाढ़ और भीषण आपदा का कारण अगर कहीं भगवान् होता

तो यह माना जा सकता था कि अब हम इसके आगे क्या कर सकते हैं।

किसी न किसी तरह हम संतोष कर लेते यदि यह किसी और की गलती से हुआ होता।

लेकिन दुख और घोर आश्चर्य केवल इस बात का है कि केरल में जो कुछ भी हुआ

उसका असली कारण मनुष्य की मूर्खता है,

हम इसे इस तरह भी कह सकते हैं 

कि मानव की मूर्खता है केरल की बाढ़ का असली कारण ।

अफसोस भी आश्चर्य भी

मानव की मूर्खता है केरल की बाढ़ का असली कारण ।

यह डंके की चोट पर कहने का कुछ कारण है ।
और वह कारण यह है कि केरल में जो तथाकथित
प्राकृतिक कहर जारी है
उस कहर का कारण स्वयं हम मनुष्य ही हैं।
जरा कल्पना कीजिए खेत की नाली अगर कहीं से
कट जाती है
तो खेत को बर्बाद होने से हम नहीं बचा पाते हैं।
लेकिन अगर एक नहीँ पूरे 80 बांध बिना सूझबूझ
के एक साथ खोल दिए जाएं तो क्या होगा।
केरल को ईश्वर का घर कहा जाता है क्योंकि केरल
की प्राकृतिक छटा निराली है।

लेकिन अफसोस और आश्चर्य इस बात का है कि

41 नदियों और 80 बांध वाले प्रदेश में बाढ को

लेकर जरा भी गंभीरता नहीं थी।

वर्ना मानव की मूर्खता केरल 

केरल की बाढ़ को क्या कहते हैं  पर्यावरणविद् 

केरल की बाढ को पर्यावरणविद मानवीय बताते हैं 

उनका कहना है कि हमने जिस तरह लालच में

आकर अपनी जेबें भरने की धुन में

सच्चाई से मुख मोड़ लिया है यह उसी का

परिणाम है।

हां यह सच है कि केरल में लगातार हो रही बारिश

से केरल मे 42% से भी ज्यादा हो गई है

लेकिन अगर हमने प्रकृति के साथ छेड़छाड़ न की होती तो

यह बारिश इतनी भयावहता कभी न दिखा पाती।

पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और पर्यटन को बढाने की कोशिश में

हमने धरती को इतना हल्का कर दिया है कि वह इतनी बाढ

और इतने पानी को

अपने आप में आत्मसात नहीं कर पाई है ।

केरल में 1 जून से 19 अगस्त तक लगातर  हो रही बारिश में 2366.1 मिली मीटर बारिश हुई।

बारिश की यह मात्रा काफी ज्यादा है फलस्वरूप सभी 80 बांध पानी से लबालब भर गए। 

कोढ़ में खाज की कहानी 

हमारी मूर्खता है केरल की बाढ़ का असली कारण

के संदर्भ सहित प्रसंग में कोढ में खाज का

मतलब यह है कि

केरल में आचानक आई अमानवीय बाढ का

सबसे अहम कारण

यह था कि यहाँ के सभी 80 बांध खोले गए।

परिणाम हम सबके सामने है।

जबकि होना यह चाहिए था कि बांध एक साथ

कतई न खोलकर  एक एक करके खोलना चाहिए था।

मानव की मूर्खता है केरल की बाढ़ का असली

कारण इसी लिए इस तथ्य को डंके की चोट पर पर्यावरणविद् कह रहे हैं। 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 21082018

 

 

 

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