भारत का संविधान एक नजर में

2
48

भारत का संविधान एक नजर में 

भारत का संविधान एक नजर में लिखने का असली मतलब यह है कि

हमें यदि केवल एक नजर मात्र डालने का भी मौका मिल जाए,

तब भी हम इस लघु जानकारी के ही जरिए समस्त महत्वपूर्ण जरूरी जा प्राप्त कर सकते हैं।

भारत का संविधान एक नजर में  का एक फायदा यह भी है कि हम

अपने बेहद विस्तृत संविधान को भी कंठस्थ कर सकते हैं ।

भारत का संविधान एक नजर में का एक अन्य फायदा यह भी है कि

इसे आप अपनी सुविधानुसार अपनी किसी भी प्रतियोगी परीक्षा

के लिए भी तैयार कर सकते हैं ।

आइए इस क्रम में सबसे पहले यह जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर संविधान क्या है? 

संविधान क्या है? 

संविधान नियमों, उप नियमों का एक ऐसा लिखित दस्तावेज होता है,

जिसके अनुसार सरकार का संचालन किया जाता है।

संविधान किसी भी देश की राजनीतिक व्यवस्था का बुनियादी ढांचा होता है ।

संविधान राज्य की विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की स्थापना,

उनकी शक्तियों तथा दायित्वों का सीमांकन

तथा जनता एंव राज्य के मध्य संबंधों का विनियमन करता है।

किसी भी देश का संविधान उस देश के आदर्शों, उद्देश्यों एवं मूल्यों का दर्पण होता है।

किसी भी देश की संवैधानिक विधि उस देश की सर्वोच्च व सर्वोत्तम विधि होती है।

किसी भी देश के संविधान से ही समस्त विधियां संचालित और नियंत्रित होती हैं ।

अगर हम ध्यान से देखें तो संविधान कतई जड़

दस्तावेज न होकर निरंतर प्रगति की ओर बढता हुआ मूक नायक होता है ।

संविधान परम्परा तथा चलन का विरोधी वहां तक नहीं होता

जहां तक यह क्रिया कलाप मानवता के लिए प्रश्न चिन्ह नहीं बनते । 

संविधान का क्या महत्व होता है? 

बिना संविधान के कोई भी देश, सच्चे अर्थों में देश नहीं कहलाता।

इसका मतलब यह हुआ कि किसी भी देश के लिए उसके संविधान का

बहुत अधिक महत्व होता है।

जिसे हम इस तरह भी जानने, समझने की कोशिश कर सकते हैं :

🔴संविधान किसी भी देश के लिए यह तय करता है

कि उस देश के लिए कानून कौन बनाएगा।

🔴संविधान समाज में शक्ति के वितरण को सुनिश्चित करता है।

🔴समाज में निर्णय लेने की शक्ति किसके पास होना चाहिए यह संविधान ही तय करता है ।

🔴संविधान किसी भी देश के लक्ष्यों और महती आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति होता है।

🔴संविधान किसी भी देश में न्याय पूर्ण समाज की

स्थापना हेतु परिस्थितियों के निर्माण को सुनिश्चित करता है।

🔴संविधान ही समाज को बुनियादी पहचान प्रदान करता है।

🔴भारतीय संविधान राजव्यवस्था के तीनों अंगों

कार्यपालिका, विधायिका एवं न्यायपालिका की  स्थापना करता है।

🔴साथ ही साथ उनकी शक्तियों तथा अधिकारों की व्याख्या करता है।

🔴संविधान ही राज्य के अंगों के अधिकारों को

मर्यादित करता है तथा उन्हें निरंकुश और तानाशाही से

दूर रखता है।

🔴 सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि संविधान एक आइना है,

जिसमें किसी भी देश के भूत भविष्य और वर्तमान की

झलक देखी जा सकती है। 

भारतीय संविधान और उसके भाग

भारतीय संविधान एक नजर में
यदि आप देखना ही चाहते हैं तो आप को इसके
भागों पर, 
अपना ध्यान केंद्रित करना होगा।
संविधान पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए आप
इसके भागों,, उपभागों पर इस तरह नजर रख
सकते हैं।
🔴भारतीय संविधान के भाग एक में 1से4
अनुच्छेद हैं जिनका संबंध संघ और 
उसके क्षेत्रों से है।
🔴संविधान के भाग दो में नागरिकता संबंधी
5से11 तक अनुच्छेद हैं।
🔴संविधान के भाग 3 में मूल अधिकारों का
वर्णन किया गया है
जो अनुच्छेद 12से35 में वर्णित हैं।
🔴राज्य की नीति के निदेशक तत्व संविधान के
भाग 4 में वर्णित हैं।
इनका उल्लेख अनुच्छेद 36 से 51 के बीच है।
🔴भाग 4क में मूल कर्तव्य हैं जो अनुच्छेद 51क
में वर्णित हैं।
🔴अनुच्छेद 52 से 151 के बीच संघ संबंधी
प्रावधान हैं।
इसमें
🔴कार्यपालिका 52/78
🔴संसद 79/122
🔴राष्ट्रपति की विधाई शक्तियाँ 123
🔴संघ की न्याय पालिका 124/147
🔴कैग यानी भारत नियंत्रक एवं महालेखा 148/151.
🔴संविधान के भाग 6 में राज्य का वर्णन
अनुच्छेद 152 से 237 तक का वर्णन है ।
🔴संविधान के भाग 7 में अनुच्छेद 238 के खात्मे
का वर्णन है।
🔴भाग 8 में संघ राज्य क्षेत्र का वर्णन है ।
यह अनुच्छेद 239 /242 तक है।
🔴भाग 9 में पंचायतें वर्णित हैं ।
अनुच्छेद 243 से 243 ण तक इनका  वर्णन है।
🔴भाग 9क तथा 9ख में नगरपालिकाएं तथा
सहकारी समितियां हैं।
🔴भाग 10 में अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र का वर्णन है।
🔴भाग 11 में संघ और राज्यों के बीच संबंधों का वर्णन है।
🔴भाग 12 में वित्त संपत्ति संविदाएं और वाद हैं।
🔴भाग 13 में भारत के राज्य क्षेत्र के अंदर
व्यापार, वाणिज्य और समागम वर्णित है ।
🔴भाग 14 में संघ एवं राज्य अधीन सेवाएं हैं ।
🔴भाग 14 क में अधिकरण अनु 323 क से 323 ख तक वर्णित है ।
🔴भाग 15 में निर्वाचन, 🔴भाग 16 में कुछ वर्गों से संबंधित प्रावधान हैं।
🔴भाग 17 में राजभाषा भाग 18 में आपात उपबंध
🔴भाग 19 में प्रकीर्ण अनुच्छेद 361 से 367 तक है।
🔴भाग 20 में संविधान का संशोधन है।
🔴भाग 21 में अस्थाई  संक्रमण शील और विशेष
उपबंध अनु 269 से अनु 392 तक है।
🔴भाग 22 में संक्षिप्त नाम प्रारंभ, हिंदी में
प्राधिकृत पाठ और निरसन अनुच्छेद 393 से 395 तक है। 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 11082018

 

 

 

2 COMMENTS

  1. बहुत अच्छी जानकारी दी है आपने आप का बहुत बहुत धन्यवाद करता हूँ सर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here