उपलब्धि कैसे मिलती है?

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 उपलब्धि कैसे मिलती है?

गौतम बुद्ध

महत्वपूर्ण उपलब्धि कब और कैसे मिलती है?

इस प्रश्न का जवाब कौन नहीं जानना चाहता है?

शायद धरती पर एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है, जो इस प्रश्न के उत्तर को नहीं जानना चाहता है।

सच्चाई यही है कि हर व्यक्ति जानना चाहता है कि वह 

अपने जीवन में महत्वपूर्ण उपलब्धि या सफलता आखिर कब और कैसे  हासिल करने वाला है? 

 दोस्तों, इसका उत्तर  जानने के पहले आप एक बात गांठ बांध लें ।कि जीवन की महत्वाकांक्षी उपलब्धियां कभी भी तुरंत नहीं मिलतीं।

यकायक , अचानक या बिना कुछ किए कभी भी कुछ नहीं मिलता ।

जो लोग कुछ अपवाद का उदाहरण देना चाहते हैं तो दे सकते हैं।

लेकिन विरासत में मिली उपलब्धि भी नहीं टिकती,

अगर आप उस उपलब्धि के लिए योग्य नहीं  हैं।

कहने का सीधा सा मतलब इतना है कि यद्यपि हम सभी सुखी जीवन की कल्पना करते हैं ।

अपने जीवन में एक से बढकर एक उपलब्धि हासिल करना चाहते हैं, लेकिन गलती तब कर देते हैं,जब हम काम पर नहीं परिणाम पर निगाह केंद्रित कर देते हैं 

हम अपना धैर्य खो कर   तुरंत परिणाम की कल्पना करने लगते हैं परिणामस्वरूप हमारा ध्यान बंट जाता है और हम उपलब्धि पर एकाग्रता खो देते हैं ।

उपलब्धियां हमें कुछ चाहने हैं 

महत्वपूर्ण उपलब्धियां किसी को बस यूं ही नहीं मिलतीं।

यहां मुझे मुंशी प्रेमचंद की बात याद आ रही है।

जब वे कहते हैं, “यस त्याग से मिलता है, धोखाधड़ी से नहीं”।

इसका बेहद सरल अर्थ यह है कि यदि आप चाहते हैं, कि आप को उपलब्धि मिले   तो आप को उनके मुताबिक बनना ही होगा।

ऐसा हर्जिज नहीं हो सकता है कि आपकी इच्छा मात्र से कोई महान उपलब्धि इस कदर खुश हो जाए कि वह  ,आपके पीछे-पीछे बिना रास्ता पूछे चली आए ।

● उपलब्धियां, मेहनत, और तपस्या चाहती हैं।

● उपलब्धियां धैर्य के साथ विश्वास भी मांगती हैं।

● उपलब्धियां दूर दृष्टि और पक्का इरादा चाहती हैं

● उपलब्धियां साहस और शक्ति चाहती हैं।

● उपलब्धियां गंभीरता और गतिशीलता चाहती हैं

● उपलब्धियां हिम्मत और हार न मानने का निर्णय करना चाहती हैं।

उपलब्धि के लायक कौन है

दोस्तों, जिस तरह से नाकामियों की भीड़ में उपलब्धियां बहुत कम हैं,

तो इसका बेहद साफ मतलब  यह है कि लोग भी इनके लायक बहुत कम हैं।

केवल चाहने से चूंकि कुछ नहीं होता इस लिए जब तक कोई जूझता नहीं तब तक कुछ नहीं मिलता ।

जूझते समय यह सिद्ध हो जाता  है कि उपलब्धि की योग्यता किसमें है और किसमें नहीं है ।

और कौन उपलब्धि के लिए  बेकार है।उपलब्धि हासिल करने के पहले आप चाहें तो खुद इनके लक्षण पढ सकते हैं ।

■  जिसे खुद पर विश्वास है।

■ जिसे  अपना लक्ष्य का पता है।

■जिसे  दुनिया की परवाह नहीं है अपनी धुन के अलावा।

■ जो केवल और केवल कुछ करना चाहता है वही सच में उपलब्धि की योग्यता रखता  है।

और जिसमें ये  सभी गुण  गायब हैं, समझ लीजिए उपलब्धि की तरफ़ से वह बेकार है।।

धन्यवाद

लेखक के पी सिंह

19032018

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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