बिना परीक्षा के ही आई ए एस अधिकारी

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बिना परीक्षा के ही आई ए एस अधिकारी

जी हां दोस्तों, अब बिना किसी परीक्षा के ही आप देश के आई ए एस अधिकारी  बन सकते हैं।

अगर आप इन चंद हंगामे दार लाइनों की हकीकत ही

जानना चाहते हैं तो आप को बस इतना करना होगा,

कि आपको इस लेख को पूरा पढना होगा और यह भी समझना होगा कि आखिर माजरा क्या है?

क्योंकि इस देश में बिना यूपीएससी परीक्षा पास किए

अभी तक किसी को आई ए एस अधिकारी बनाने का प्रावधान नहीं है।

फिर भी यह कोई फेक खबर नहीं है बाकायदा केन्द्र सरकार इस बात पर,

गम्भीरता से विचार कर रही है कि विपक्ष के तमाम

ढोंगी विरोध के बावजूद इस तथ्य को हकीकत में कैसे बदला जाए।

यानी यह किस तरह से संभव बनाया जाए कि बिना

परीक्षा पास किए किसी को आई ए एस अधिकारी आखिर किस तरह बनाया जाए।

बिना परीक्षा के ही आई ए एस

संघ लोक सेवा आयोग यू पी एस सी की सिविल सेवा परीक्षा में बैठे बिना ही,

अब केंद्र में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बना जा सकता

है, जिसके लिए केन्द्र सरकार ने बाकायदा लैटरल एंट्री व्यवस्था लागू करने की अधिसूचना जारी की है।

इस अधिसूचना के अनुसार 10 अहम विभागों में खास

विशेषज्ञ संयुक्त सचिव के लिए 30 जुलाई 2018 तक आवेदन मांगे गए हैं।

आवेदन के लिए क्षेत्र विशेष में व्यापक अनुभव केसाथ विशेषज्ञता अहम पैमाना होगी।

यद्यपि विपक्ष ने अपनी घोर घुरही मानसिकता के साथ

साथ निम्न कोटि की भावना का परिचय देते हुए इसके विरोध की रणनीति बना ली है। 

क्या है लैटरल एंट्री व्यवस्था 

इस व्यवस्था के तहत  विभिन्न क्षेत्रों के  विशेषज्ञों की

वरिष्ठ अफसर के तौर पर नियुक्ति के लिए सेवा नियमों में जल्द बदलाव होंगे।

, सार्वजनिक उपक्रम विश्व विद्यालय या निजी कंपनी

में 15 साल का अनुभव रखने वाला कोई भी स्नातक केंद्र में बतौर विशेषज्ञ संयुक्त सचिव बन सकेगा।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वित्त सेवा पर्यावरण, कृषि

, सड़क, यातायात, शिपिंग, अक्षय ऊर्जा तथा नागरिक

उड्डयन, वाणिज्यिक, आर्थिक मामले जैसे 10 विभाग

में लैटरल व्यवस्था लागू करने की घोषणा की गई है।

चयनआधार केवल साक्षात्कार 

अधिसूचना के मुताबिक चयन केवल साक्षात्कार के आधा पर होगा।

कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ही इनका साक्षात्कार लेगी।

आवेदन करने की न्यूनतम आयु 40 वर्ष रखी गई है, लेकिन अधिकतम उम्र तय नहीं है।

जहां तक बात नियुक्ति की है तो यह तीन वर्ष के लिए होगी।

अच्छे प्रदर्शन पर दो सालों का सेवा विस्तार सम्भव है।

संयुक्त सचिव की तरह ही इन्हें वेतन, भत्ते तथा अन्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।

अतिरिक्त योग्यता वाले आवेदन कर्ता को अतिरिक्त लाभ होगा।

इन पदों के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के कार्यरत अधिकारी भी आवेदन कर सकते हैं।

योग्यता के आधार पर ही इन पदों पर उनका चयन किया जाएगा।

निजी क्षेत्र के उपक्रमों,  स्वायत्त  संस्थाओं,  विश्व –

विद्यालयों, शोध संस्थानों में कार्यरत लोग भी आवेदन कर सकते हैं।

धन्यवाद

KPSINGH 11062018

 

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