भारत की जनगणना : आप कितना जानते हैं

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भारत की जनगणना आप कितना जानते हैं? 

भारत की सबसे लेटेस्ट जनगणना 2011 में हुई थी ।

यानी आज से सात साल पहले हुई थी भारत की जनगणना ।

आंकड़े बदल गए हैं ,

लेकिन चूंकि जनगणना प्रत्येक 10 वर्ष में होती है।

इसलिए आज जब भी हमें जनगणना संबंधी आंकड़ों की ,

आधिकारिक जरूरत पड़ती है तो हम भारत की जनगणना 2011 पर ही निर्भर रहेंगे ।

●नवीनतम तथ्य यह है कि 23 जनवरी 2018 को भारत की जनसंख्या कुल 135 करोड़ थी ।

●भारत की जनसंख्या जब 2016 में 132 करोड़ थी तब चीन की जनसंख्या 137 करोड़ थी ।

●वहीं अमेरिका की कुल संख्या 32 करोड़ थी ।

हम यहां जनसंख्या संबंधी तथ्यों पर चर्चा तो करेंगे ,

लेकिन हमारा मूल  मकसद भारत की जनगणना के बारे में विशिष्ट तथ्यों को आपके सामने लाना है ।

तो आइए जानते हैं भारत की जनगणना के बारे में कुछ अलग बातों को ;

जनगणना का इतिहास 

जनगणना का चलन प्राचीन काल से ही होता रहा है ।

रोमन साम्राज्य में इसके प्रमाण कैडेसटरल सर्वे के रूप में पाया जाता है ।

1500 ईसापूर्व मूसा द्वारा इजराइल के निवासियों की जनगणना का उल्लेख मिलता है ।

कौटिल्य कृत अर्थशास्त्र में राज्य की आर्थिक गतिविधियों के आकलन हेतु जनगणना के आंकड़ों की उपयोगिता को बताया गया है ।

अबुल फजल द्वारा रचित आइने अकबरी में भी जनगणना का उल्लेख मिलता है ।

आधुनिक ढंग में व्यवस्थित प्रथम जनगणना का उल्लेख सर्वप्रथम 1749 में स्वीडन का मिलता है ।

दशकीय प्रथम जनगणना का उल्लेख 1790 में अमेरिका का मिलता है ।

1801 में इंग्लैंड में जनगणना हुई थी ।

 

भारत में जनगणना का इतिहास 

ब्रिटिश भारत में पहली जनगणना 1872 में लार्ड मेयो के समय हुई थी ।

लेकिन प्रत्येक 10 साल में जनगणना की शुरुआत लार्ड रिपन के काल में हुई थी ।वही क्रम आज भी जारी है ।

1872 से 2011 तक कुल बार जनगणना हो चुकी है ।

लेकिन स्वतंत्रता के बाद की बात करें तो यह7 वीं जनगणना है ।

भारत की 15 वीं जनगणना 

वर्ष 2011 में होने वाली जनगणना भारत की कुल 15 वीं जनगणना है ।

इसका मुख्य ध्येय वाक्य था “हमारी जनगणना हमारा भविष्य “

भारत में जो भी जनगणना कराई जाती है वह ,

जनगणना अधिनियम 1948 के जनगणना अधिनियम के द्वारा कराई जाती है ।

धन्यवाद

लेखक: के पी सिंह

27032018

 

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