विश्व विषमता रिपोर्ट क्या है?

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विश्व असमानता रिपोर्ट क्या है?

विश्व असमानता रिपोर्ट क्या है?

शायद यह बताने की जरूरत नहीं क्योंकि,

क्या यह सच है कि भारत?

क्या विदेशी देश?

सभी जगह इस प्रकार असमानता रूपी हकीकत का फकाता है।

विश्व असमानता रिपोर्ट पढ़ना या जानना पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि हम यहां केवल विश्व में नहीं हैं, के बारे में बात करने वाले हैं,

बल्कि हम अपने घर यानी भारत में भी यह सब देखने की कोशिश करते हैं,

आखिर पूरे विश्व के साथ भारत में कितने गैर असमानता की सच्चाई हफ़ भर रही है?

भारतीय संदर्भ 

विश्व असमानता पर बात करने से पहले बात करें भारत का तो,

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच की शुरुआत से पहले

अंतर्राष्ट्रीय अधिकार समूह आक्सफाम ने दुनिया में बढ़ते धन का असमान बंटवारे पर रिवॉर्ड वर्क,

नाट वर्क  वेल्थ नामक रिपोर्ट जारी किया गया था।

बीते साल भारत में कुल जितना धन अर्जित हुआ था

उसमें से 73% धन देश की सबसे अमीर 1% लोगों का हिस्सा था।

विश्व स्तर पर स्थित से भी अधिक गंभीर है।

कुल अर्जित धन में से 82% धन दुनिया के 1% सबसे अमीर लोगों का खाता है।

10 देशों में 70 हजार लोगों पर सर्वेक्षण किया गया है इस रिपोर्ट में अमीर गरीब के बीच गहरे खाई पर चिन्ता तस्वीर यह रिपोर्ट है।

 

कुछ तथ्य 

बीते साल भारत में अरब पतियों की सूची में 17 नाम शामिल थे

● दस प्रतिशत लोगों के पास देश का 73% दौलत इकट्ठा है।

● विरासत में मिला धन से अरब पति बनने वालों की संख्या 37% है।

● देश के एक प्रतिशत लोग पास देश की 58% लोगों की धन है

● बीते साल अमीर लोगों की संपत्ति में 48 9 लाख करोड़ की वृद्धि हुई। यह सभी राज्यों की कुल शिक्षा स्वास्थ्य बजट 85% है।

गहराता गरीबी का साया 

देश की सबसे गरीब जनसंख्या यानी 67 करोड़ भारतीयों की सांपिपी में केवल 1% की वृद्धि हुई है।

जबकि दुनिया के सबसे गरीब 3 • 7 लोगों की संपत्ति में कोई इजाफा नहीं हुआ है।

● बड़ी अरब पतों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ रही है।

● 2017 में हर दो दिन में एक व्यक्ति अरब पति बना है

● 2010 के बाद से अरबपतियों की सम्पत्ति में सालाना 13% की वृद्धि हुई है। यह वृध्दि 6 गुना है सामान्य व्यक्तियों की निधि से अधिक।

● यह खाई पाटना इसलिए मुश्किल है क्योंकि अमेरिका में एक सीईओ एक दिन में उतना ही कमाया जाता है, जितना एक कर्मी एक वर्ष में कमाया जाता है

● भारत में किसी बड़े गारमेंट कंपनी में सबसे अधिक वेतन प्राप्त करने वाले प्रबंधक की सालाना आय के बराबर कमाई करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के गरीब मजदूर को 941 साल लगेंगे।

इसके उलट-पुलट न्यूनतम आय पर काम करने वाला मजदूर का जीवनभर कमाई के बराबर है प्रबंधक केवल सड़े सत्रह दिन में कमाया जाएगा

● मजेदार आंकड़ा यह भी है कि हर 10 में अरबपति 9 केवल पुरुष हैं

● पूरे भारत में केवल 4 महिलाएं अरबपति हैं

● इन तीनों में यह विरासत मिला है ● सर्वेक्षण के अनुसार महिला कर्मियों को अध्यापन अवसर भी कम प्रदान किए जाते हैं ..

वैश्विक संदर्भ

विश्व असमानता की बात करें तो इसके भी बेहद बुरा हाल है।

14 दिसंबर 2017 को दुनिया में पहली बार विश्व असमानता रिपोर्ट प्रकाशित किया गया है। यह इस संस्करण का पहला संस्करण है

यह प्रकाशित हुआ है। विश्व असमानता प्रयोगशाला

में 20 से 10 से 2016 तक आंकड़े हैं, यह रिपोर्ट धन सम्पदा की असमानता की विवेचना प्रस्तुत करता है।

धन्यवाद

लेखक: के पी सिंह

14032018

 

        

 

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