अनोखे लोगों की 9 आदतें

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अनोखे लोगों की 9 अनोखी आदतें 

अनोखे लोगों की 9 अनोखी आदतें 

दोस्तों, मेरा विचार है कि भाग्य से सब कुछ हरगिज नही मिलता।

आपको तभी कुछ मिलने की संभावना सबसे प्रबल हो जाती है,

जब आप अपने लिए एक उद्देश्य बनाकर उसी के अनुरूप  काम भी करते हैं ।

आपकी आदतें आपकी इस कामयाबी में सहायता करती हैं ।

सच तो यह भी है कि आपकी आदतें आपकी प्रतिभा को भी लोगों के सामने लाने में सहायक होती हैं ।

आज हम इस पोस्ट में अनोखे लोगों की कुछ ऐसी ही आदतों के बारे मे जानेंगे

जो उन्हें पूरी दुनिया मे मशहूर कर देती हैं ।

दोस्तों, प्रतिभा हर व्यक्ति में होती है।

यह अलग बात है कि कोई उसे पहचान लेता है तो कोई उसे नही पहचान पाता ।

कोई उसे जल्दी पहचान लेता है तो कोई उसे पहचानने में देर कर देता है ।

कहने का तात्पर्य यह हैकि संसार में हर प्राणी महत्वपूर्ण होता है ।

साथ ही साथ उसकी वह आदतें भी बेहद महत्वपूर्ण होती हैं जो उसे कामयाब बनाती हैं ।

तो आइए आज ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में जानते हैं जो अनोखे लोगों में पाई जाती हैं ।

खुद को प्रतिभावान बनाते हैं येअनोखे लोग 

कुछ लोग होते हैं जो सिर्फ प्रतिभा की बात करते हैं तो वहीं कुछ ऐसे भी लोग

संसार में पाए जाते हैं जो प्रतिभा को अपने अंदर समेटने की कोशिश करते हैं ।

अनोखे और खास लोग वही हैं जो प्रतिभा का ढिंढोरा

पीटने की बजाय खुद प्रतिभाशाली बनने की कोशिश करते हैं ।

ऐसे लोग खुद अपने आप से एक वादा निभाते हैं और यह वादा एक प्रकार का संकल्प है जो अनोखे लोग खुद से करते हैं ।

वह इस बात को सदैव अपने आप से दोहराते रहते हैं कि

“हम किसी से कतई कम नही हैं, हम में वह ताकत है जो हमें प्रतिभाशाली बना सकती है “

अनोखे लोग सबसे पहले अपनी दिशा पहचानते हैं 

यह बात सब कोई जानता है कि हम कोई भी कदम उठाएं

हमेंअच्छे-बुरे परिणाम के संकेत मिलने लगते हैं

इनके ही बीच यह पहचाना कि कौन सा कार्य हमारे लिए सही है

और कौन सा कार्य हमारे लिए गलत है वास्तव मे अनोखे लोगों का ही काम है ।

इस प्रकार अनोखे लोग वह होते हैं जो अपनी दिशा पहचानने की कोशिश सबसे पहले करते हैं ।

अर्थात वह अपने लिए सबसे बेहतर दिशा की पहचान करके ही आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं ।

वह अगर समझ लें कि वह अच्छे गायक बन सकते हैं तो वह इंजीनियर बनने का सपना नही देखते ।

अपनी क्षमता पर भरोसा करते हैं अनोखे लोग 

पूरी दुनिया यह जानती है कि दुनिया का कोई भी ऐसा वैज्ञानिक नही है जो

आगे आगे प्रयोगशाला गया हो और उसके पीछे-पीछे कामयाबी चली आई हो ।

बहुत मेहनत और लगन के प्रदर्शन के बाद ही कोई व्यक्ति अपने उद्देश्य मे सफलता प्राप्त करता है ।

कहने का तात्पर्य यही है कि अपनी प्रतिभा पर जब भरपूर भरोसा होता है

किसी को तभी वह अपने मनमुताबिक सफलता अर्जित करता है ।

सच यह है कि यह भरोसा अपने आप में सबसे ज्यादा अनोखे लोगों को ही होता है ।

एडमंड हिलेरी या अरुणिमा सिन्हा को यदि अपने पर भरोसा नही होता तो आज यहां हम इनका उल्लेख कतई नही करते ।

 दूसरों की प्रतिभा को भी पहचानते हैं यह अनोखे लोग 

आप सोचिए यदि आचरेकर सर ने सचिन तेंदुलकर की

प्रतिभा को न पहचाना होता तो क्या हम किसी क्रिकेट के भगवान् से कभी मिल पाते ?

शायद नहीं ।

जी हां, जो सच में अनोखे लोग होते हैं उनमे केवल खुद की प्रतिभा को पहचानने की

ताकत नही होती बल्कि वे अपने सामनेवाले की प्रतिभा को बखूबी पहचान लेते हैं ।

कहने का मतलब यह कि जीनियस या अनोखे लोग वे नही होते जो खुद को ही सब कुछ मान लेते हैं

असली में जीनियस वह हैं जो दूसरों की न केवल

प्रतिभा को पहचानते हैं बल्कि उसकी इज्जत भी करते हैं ।

आभार प्रकट करना जानते अनोखे लोग 

आपको बता दें कि आभार प्रकट करना वास्तव में बड़े दिल और बड़ी सोच का प्रतीक होता है ।

दुनिया में जितने भी अनोखे और बुद्धिमान लोग हैं वह

दूसरे का आभार प्रकट करने में रत्तीभर की देरी नही करते ।

वे किसी के भी किसी कार्य की दिल से प्रशंसा करते हैं

उन्हें किसी का आभार प्रकट करने में बेहद खुशी मिलती है ।

यदि आपको भी खुशी चाहिए तो आप भी किसी का आभार प्रकट करें फिर देखिए जादू ।

आप दंग रह जाएंगे यह देखकर कि जैसे ही आप किसी की सच्ची प्रशंसा करते हैं

आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत निकल आता है

और फिर आप खुद खुशी से भर जाते हैं ।

 सभी के विचारों की कदर करते हैं अनोखे लोग 

कुछ लोग चाहते हैं कि सभी उनके विचारों की कदर करें

लेकिन वह खुद किसी के विचारों से सहमत नही होते।

क्योंकि उन्हें लगता है कि इसकी उन्हें जरूरत ही नही है ।

ऐसे लक्षण से मुक्त होते हैं अनोखे लोग ।

दुनिया में जो भी जीनियस या अनोखे लोग हैं उनका

पहला लक्षण यही है कि वह दूसरों के सच्चे विचारों की कदर अपने आप से भी ज्यादा करते हैं ।

अगर आप भी अपने अनोखेपन को जानना चाहते हैं तो सोचिए,

क्या आप दूसरों के विचारों की कदर करते हैं ।

आप हैरान रह जाएंगे जब आप दूसरों के विचारों की कदर करने लगेंगे ।

आप की प्रसन्नता का ठिकाना नही रहेगा ।

बच्चों जैसे सरल होते हैं अनोखे लोग 

कुटिल लोग जहां बहुत ही ज्यादा रहस्यमयी होते हैं वहीं

अनोखे और जीनियस लोग बेहद सरल होते हैं ।

अनोखे लोग इतने सरल होते हैं कि कभी-कभी लोग इन्हें

महामूरख भी समझने की गलती कर डालते हैं ।

लेकिन यह मूर्खता से बेहद दूर होते हैं ।

आपको बता दें कभी कभी जिले के सबसे बड़े अधिकारी से मिलना बेहद सरल और आसान होता है

वहीं तीसरे दर्जे के भष्टाचार में लिप्त क्लर्क से मिल पाना बेहद कठिन होता है ।

यह उदाहरण इसी बात को सिद्ध करता है कि अनोखे और महान लोग सहज और सरल भी होते हैं ।

संदेह और प्रतिरोध से दूर होते हैं अनोखे लोग 

हम अक्सर जीवन में अनुभव करते हैं कि टपपेबाजी की घटनाएं कुटिल लोगों के ही साथ होती हैं ।

यानी जो खुद तीन में तीस बनाने की कोशिश करता है वही एक दिन निन्यानवे के फेरे में मारा जाता है ।

तात्पर्य यह कि अनोखे लोग किसी पर साधारण रूप से संदेह नही करते ।

चूंकि वह स्वयं संदेह से परे होते हैं इसीलिए वह दूसरों पर भी संदेह की गोली नही चलाते ।

इस प्रकार वह संदेह और प्रतिरोध से खुद को दूर रखते हैं ।

अगर आप सचमुच अनोखे और जीनियस लोगों में शामिल होने की इच्छा रखते हैं तो

आपके अंदर भी इन खूबियों को धारण करने की कोशिश करें ।

जिंदगी सरल होती है अनोखे लोगों की 

जो  लोग मायावी जीवन जीते हैं वह सचमुच समाज के सबसे बड़े नुकसानदेह लोग होते हैं

वहीं जो जीनियस होते हैं उनका जीवन बिल्कुल भी मायावी या छिपा हुआ नही होता

बल्कि यह लोग बेहद सरल जीवन जीने में विश्वास करते हैं ।

अगर आप भी अनोखे लोगों की कतार में खड़ा होना पसंद करते हैं तो

आपको बाबा राम रहीम या फिर आशा राम बापू जैसा कुटिल और रहस्यमयी जीवन की

कल्पना तक से दूर जाना होगा है।

निष्कर्ष स्वरूप हम कह सकते हैं कि अनोखा होना कतई अनोखा नही है

बल्कि अनोखा कोई भी व्यक्ति बन सकता है यदि उसके जीवन में

सकारात्मक ऊर्जा उपलब्ध हो ।

क्योंकि अनोखे लोग कुछ अलग नही होते बल्कि सहज, सरल और

हमारे आप के जैसे ही होते हैं ।

पर हां उनमे कुछ लक्षण जरूर अलग होते हैं ।

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 26022018

 

 

 

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