कहानी फ्लिपकार्ट की

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   कहानी फ्लिपकार्ट                     की

 कहानी फ्लिपकार्ट की  बेहद खास हैं दोस्तों ।

अगर इससे आप भी रूबरू होना चाहते हैं तो इस लेख में आपका स्वागत है। 

आज हम यहाँ पर इसी बात की चर्चा परिचर्चा की 

पङताल करने वाले हैं।

कि आखिर महज़ दो कमरों में जन्म लेने वाली यह ई-कामर्स कंपनी,

सफलता के उच्च शिखर पर कैसे पहुंची है?

क्यों कि आज यह बात किसी से बताने की जरूरत नहीं है कि,

फ्लिपकार्ट आज भारत की सबसे बड़ी ई-कंपनी बन गई है।

फ्लिपकार्ट और अमेरिका की कंपनी वालमार्ट के

बीच जो ऐतिहासिक डील हुई है,

वह स्वयं में एक इतिहास बन गया है। 

    देश की सबसे बड़ी             ई-कंपनी है                     फ्लिपकार्ट 

कहानी फ्लिपकार्ट की: आह से आहा तक की

सबसे बड़ी बात है यह है कि,

आज की तारीख में फ्लिपकार्ट देश की सबसे बड़ी

ई कंपनी बन गई है।

11 साल पहले दो युवकों ने एक प्रतिष्ठित कंपनी

में नौकरी से इस्तीफा दे कर,

अपने सपनों की ओर इस लिए कदम बढाया था

कि उन्हें कुछ करना है।

इसके लिए उन्होंने बेंगलुरु में महज दो कमरों से

अपने सपनों की उड़ान भरी थी।

उनकी यह उडान कैसी रही इसका अंदाजा इसी

बात से लगाया जा सकता है कि,

दो कमरों वाली उनकी यह कंपनी आज 8.3 लाख

वर्ग फुट में फैल चुकी है।

उनकी लगन और मेहनत का ही यह नतीजा है कि

आज यह कंपनी भारत में सबसे बड़ी ई कंपनी बन गई है। 

फ्लिपकार्ट कुछ तथ्य 

कहानी फ्लिपकार्ट की :आह से आहा तक की

मुख्य कहानी की बात करें तो,

☝फ्लिपकार्ट में आज मौजूदा उत्पाद श्रेणी की

संख्या 80 लाख है।

☝आज कंपनी के रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या 10 करोड़ है।

☝एक लाख कंपनी से जुड़े विक्रेता हैं। 

☝रोजाना इसकी साइट पर होने वाली विजिट 1करोड़ है। 

  कंपनी की स्थापना 

फ्लिपकार्ट कंपनी की स्थापना 2007 में हुई थी।

लेकिन इस के पहले की कहानी सिर्फ रोचक ही

नहीं बल्कि पूरी तरह से अद्भुत है।

2005 में दो लड़के IIT दिल्ली में मिलते हैं।

इनके नाम थे सचिन बंसल और बिन्नी बंसल।

इसके बाद अमेरिकी कंपनी अमेजन में काम करने

के दौरान इनकी दोस्ती होती है।

दोनों ही अपने अपने स्टार्टप का सपना देखा करते थे।

दोनों ने नौकरी छोड़ दी।

और 2007  अक्टूबर में बंगलुरु में आन लाइन

बुक स्टोर के रूप में फ्लिपकार्ट की स्थापना की। 

बनता गया कारवां 

कहानी फ्लिपकार्ट की : आह से आहा तक की

कभी न भूलने वाली कहानी,

यह है कि इस कंपनी ने अपनी स्थापना के बाद जो

सबसे पहले किताब बेची,

वह थी जान वुड्स की लीविंग माइक्रोसॉफ्ट टु चेंज द वर्ल्ड।

किताब बेचने के बाद कंपनी ने म्यूजिक, फिल्में,

गेम्स इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल बेंचना शुरू किया।

कंपनी को तेजी से ऊपर पहुंचाने का वास्तविक काम किया था, 

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल की बिक्री ने।

कंपनी ने 2010 में अपनी लॉजिस्टिक्स कंपनी इंकार्ट लांच किया था। 

कंपनी के आफिस 

कंपनी ने 2008 में अपना पहला आफिस बेंगलुरु

में खोला था।

इसके बाद 2009 में दिल्ली और मुंबई में अपना

आफिस खोला था।

कंपनी ने 2011 में अपनी ब्रांच सिंगापुर में भी खोली है।

धन्यवाद

KPSINGH

11052018

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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