जीवन में बातचीत का क्या महत्व है?

7
102

जीवन मे बातचीत का क्या महत्व है? 

जीवन में बातचीत का क्या महत्व है? 

जीवन में  बातचीत का आखिर कार क्या  महत्व होता है?

इस प्रश्न के उत्तर की जानकारी के पहले जानिए कि बातचीत क्या है? 

बातचीत एक कला और विज्ञान दोनों है, यानी बातचीत कला भी है और बातचीत विज्ञान भी है। 

कला के रूप में हम इसके निरंतर अभ्यास से इसमें दक्षता हासिल कर सकते हैं।

वहीं  विज्ञान के रूप में प्रयोग द्वारा हम इसका विकास कर सकते हैं।

जब किया गया सर्वेक्षण 

बातचीत का जीवन में क्या और कितना प्रभाव पड़ता है?

जब इसे जानने के लिए एक सर्वेक्षण किया गया तो सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 

काम धंधे में लगे हुए व्यक्तियों से केवल 15% लोग

ही ऐसे होते हैं जो खुद के ज्ञान और मेहनत के कारण कारण सफल होते हैं 

85% लोग ऐसे थे, जिन्हें सफलता उनके बातचीत के गुण की वजह से मिली थी ।

आप को ताजजुब होगा

कोई भी ग्राहक दोबारा कभी उस दूकान में नहीं

जाना चाहता है, जिसका मालिक ठीक से बात नहीं करता है।

इससे तो यही सिद्ध होता है कि जीवन में बातचीत का ज्ञान और मेहनत से भी ज्यादा महत्व है।

इसका एक उदाहरण दलाल या एजेंट हो सकता है

या फिर एक सफल गाइड जिसका काम ही बात पर बात किए जाना होता है। 

क्या कहते हैं हमारे विद्वान 

जीवन में बातचीत की कला का अर्थ क्या है?

इस सम्बन्ध में हमारे महान दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति सर्व पल्ली राधाकृष्ण का कहना है कि

“भविष्य बनाने के लिए बातचीत में निपुणता से

अच्छा और कोई दूसरा साधन  नहीं हो सकता है।”

 

किससे और कैसे करें बातचीत 

 

   बातचीत जीवन में कितना महत्वपूर्ण स्थान रखती है?

इसे जान लेना के बाद जो सबसे पहले जानकारी होता है वह भी है कि हमारे बातचीत को केवल हमारे स्वाभाविक रूप से प्रभावी नहीं है

मुख्य बातचीत करने के लिए प्रमुख तत्व हैं

विनम्रता, सहजता, सच्चाई, और आत्मविश्वास।

एक कहावत पर गौर करें 

एक कहावत है कि कुछ भी बोलने से पहले मन ही मन पांच तक गिनती गिनना चाहिए।

लेकिन दूसरे की बात सुनकर जवाब देने के पहले दस तक गिनती गिननी चाहिए।

इसका मतलब यह हुआ कि जब बोलें तो ध्यान से बोलें

लेकिन जब सुनकर बोलना हो तो पूरे मनोयोग से

सुनकर और जवाब सोच समझ कर बोलना चाहिए।

प्रभावशाली बातचीत एक दुर्लभ गुण है 

कह रहे हैं बातचीत से दोस्त दुश्मन तो दुश्मन दोस्त तक बन जाते हैं।

यह मामला है कि बातचीत में आत्मविश्वास, सकारात्मकता और सहजता से

मस्तिष्क का हाइपोथैलेमस और किडनी के ऊपरी भाग में उपस्थिति एडिननलिन

ग्रंथि शरीर की सभी संपत्ति के साथ सोचने के लिए नियंत्र

सोच का नियंत्रित होना जरूरी है 

सोच अगर नियंत्रण और प्रभावशाली हो तो व्यक्ति जरूर सफल इन्सान बनता है। बहुत नहीं

● व्यक्ति सभी को अपने तरफ आकर्षित करने के लिए ऐसा होता है।

● बातचीत की सफलता कार्य के सफल होने की गारंटी होती है।

● लोग बार बार इस सोच व्यक्ति से संबंधित होना चाहिए।

● किसी भी व्यक्ति की प्रसिद्ध में यह तत्व प्रमुख होता है।

हमारा निष्कर्ष 

निष्कर्ष के रूप में हम यह कह सकते हैं कि

बातचीत करने के लिए बोलने का जरिया बनाना बनाना चाहिए।

उसके लिए अपना कामयाबी का सूत्र बनाना मे भी संकोच नहीं करना चाहिए।

हमें इस बात को कभी नहीं भूलना चाहिए कि

“साधारण से विशेष बनने का गुर सिखाने और

आज की भावनाओं में यह अंतर है कि एक ही बोलता है, 

तो दूसरा उसे व्यावहारिक रूप दिया जाता है। ईसी से सफलता बोलती है।”

धन्यवाद

KPSINGH 04072018

 

 

 

 

 

 

 

 

 

7 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here