दुनिया का सबसे बड़ा विमान

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दुनिया का सबसे बड़ा             विमान 

जी हां, दोस्तों ।

आज आपको मैं दुनिया के सबसे बड़े विमान के बारे में ,

वह सब कुछ बताने वाला हूं, जो आपके लिए जरूरी है।

दोस्तों आप इसका नाम जानना चाहते होंगे तो यह समझ लीजिए ,

आपको नाम तो मैं बताना चाहता हूं लेकिन उससे भी पहले मैं ,

आपको कुछ ऐसी  विशेषताएं  बताना चाहता हूं ,

जो इसके नाम से भी ज्यादा जरूरी हैं ।

जैसे :

●यह 117 मीटर लम्बा विमान है ।

●इसका वजन 2•27 लाख किलोग्राम है।

●यह विमान 5•9 लाख किलोग्राम भार लेकर उड़ सकता है ।

●इस विमान में 28 पहिए हैं ।

●इसमें कुल 6 फ्यूल टैंक हैं

●इसमे कुल 6 इंजन हैं ।प्रत्येक का वजन 4000 किलोग्राम है ।

●इसकी कीमत 2011 में 30 करोड़ डॉलर थी । 

इसका नाम क्या है? 

इस विमान का नाम स्ट्रैटोलांच रखा गया है ।

इसकी ढेर सारी विशेषताओं में इसके दो कॉकपिट, 28 पहिए और 6 इंजन इसे दुनिया  में सबसे खास बनाते हैं ।

यह दुनिया का पहला विमान है जिसमें दो कॉकपिट,

6 इंजन और 28 पहियों का प्रयोग किया गया है ।

इस विमान को माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक एलन पाल ने

पिछले साल जून में अनावरित किया था ।

इस प्रोजेक्ट में एलन के पार्टनर बर्ट स्टन की कंपनी स्किल्ड कंपोसिटस ने इसका निर्माण किया है।

यह विशालकाय विमान राकेट के लिए हवाई लांच पैड का काम करेगा ।

हाल ही में इसके दो परीक्षण हुए हैं ।

वैज्ञानिक अनुसंधान टीम का कहना है कि तीन और परीक्षण के बाद ,

यह 2018 में अपनी पहली उड़ान भर सकता है ।

कैसे करेगा काम यह विमान 

●दुनिया के इस सबसे बड़े विमान को विशेष रूप से,

राकेट व उपग्रहों को लांच करने के लिए डिजाइन किया गया है ।

●यह विशालकाय एयर पैड की तरह काम करेगा ।

जहां से राकेट व पेलोड कम समय में अंतरिक्ष पहुंच सकेगें ।

● इसके दोनों भागों के बीच की जगह में राकेट या अन्य पेलोड को फंसाया जाएगा

●विमान जब आसमान पहुंचेगा तो राकेट सीधे अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाएगा ।

●धरती से राकेट लांच किए जाने की अपेक्षा आसमान से उड़ते हुए ,

इस विमान से राकेट लांच करने में खर्च कम हो जाता है ।

●स्पेस स्टेशन में कार्गो भेजने और  अंतरिक्ष यात्री को रवाना करने के अलावा

यह विमान ब्लैक आइस कोडनेम वाले खुफिया शटल को भी लांच कर सकेगा ।

●इसमें तीन लोगों का क्रू है, जिसमें पायलट, को पायलट,

और इंजीनियर विमान के दाएं तरफ वाले भाग में बैठेंगे ।

●विमान के बाएं भाग में भी कॉकपिट मौजूद है मगर ,

यह हिस्सा खाली और बिना दबाव का रहेगा ।

●2016 में इस विमान ने एयरोस्पेसऔर डिफेंस कंपनी आर्बिटल एटीके के साथ डील साइन की थी ।

●इस संधि के तहत यह कंपनी के पीगैसस एक्स एल राकेट को लांच करने बाद आसमान ले जाएगा ।

विशालकाय विमान

इसे नार्थ रोप गुम्मन कार्पोरेशन की कंपनी स्किल्ड कंपोसीटस ने डिजाइन करके बनाया है ।

असल में यह एक साथ दो बोइंग 747 विमान जिन्हें एक फ्रेम तथा डैनो से जोड़ा गया है 

फुटबाल फील्ड से भी बड़ा

यह विमान इतना बड़ा है कि दो फयूजलेज यानी विमान की बाडी से मिलकर बना है ।

दोनों ने अपना अपना कॉकपिट यानी विमान चालक के बैठने की जगह है ।

इसकी विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ,

अगर इसे एक फुटबाल मैदान में खड़ा कर दिया जाऐ तो ,

इसके दोनों डैने दोनों तरफ के गोल पोस्ट से भी 3•8 मीटर  बाहर निकल जाएगा ।

यह मौजूदा दुनिया के सबसे बड़े विमान सोवियत युगीन एटोनोव एन 225 से भी ज्यादा बड़ा है ।

परीक्षणों का दौर

पिछले कुछ महीनों मे दुनिया के सबसे बड़े विमान के दो परीक्षण हुए हैं ।

इसकी अधिकतम गति 41 किलोमीटर /घंटा और 74 किलोमीटर प्रति घंटा रही है ।

अगले परीक्षण में इसे 128 से 222 किलोमीटर /घंटा बढना होगा ।

आमतौर पर जेट लाइन 245 से 290 किलोमीटर प्रतिघंटा की उड़ान भरते हैं ।

फरवरी में कम गति उड़ान का परीक्षण करने के दौरान इसके सभी इंजनों को फायर किया गया ।

ध्यान रहे अभी इस दुनिया के सबसे बड़े विमान के एक नहीं कुल तीन परीक्षण होने हैं ।

इसके बाद ही इसे अधिकृत उड़ान भरने की अनुमति मिल सकेगी ।

■By kpsingh■

    20 042018

 

 

 

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