इन्टरनेट किसे कहते हैं?

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इन्टरनेट किसे  कहते                   हैं? 

इण्टरनेट आज एक ऐसा सच है जिससे न तो कोई दूर या अलग है ,

और न ही कोई इससे दूर या अलग रह सकता है ।

इण्टरनेट किसे कहते हैं ,

यह सवाल बेहद स्वाभाविक इस लिए है कि जब हम सुबह से शाम,

और शाम से सुबह तक बस यही रट लगाते हैं तो ऐसे में इसको जानना बेहद समीचीन हो जाता है ।

कि हम जानें आखिर यह इण्टरनेट क्या है या फिर इण्टरनेट किसे कहते हैं? 

इण्टरनेट क्या है? 

इण्टरनेट वास्तव में इंटरनेशनल नेटवर्किग का संक्षिप्त रूप है ।

यह दुनिया भर में फैले हुए छोटे बड़े कम्प्यूटरों का विशाल व विश्व व्यापी जाल है ।

जो विभिन्न संचार माध्यमों द्वारा समान नियमों का अनुपालन करके एक  दूसरे से संपर्क स्थापित करते हैं ,

तथा सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव बनाते हैं ।

आप इसे नेटवर्किंग का नेटवर्क कह सकते हैं ।यह संसार का सबसे बड़ा नेटवर्क है ।

जो दुनिया भर में फैले व्यक्तिगत, सार्वजनिक, शैक्षिक, व्यापारिक

तथा सरकारी नेटवर्किंग के आपस में जुड़े होने से बनता है ।

इण्टरनेट से जुड़ा प्रत्येक कम्प्यूटर एक सर्वर से जुड़ा होता है ।

तथा संसार के सभी सर्वर विभिन्न संचार माध्यमों द्वारा आपस में जुड़े होते हैं ।

इनके बीच डाटा का स्थानांतरण पाकेट स्विच तथा इण्टरनेट प्रोटोकॉल के जरिए होता है ।

इण्टरनेट सेवा प्रदाता 

किसी कम्प्यूटर को इण्टरनेट से जोड़ने के लिए हमें ,

इण्टरनेट सेवा प्रदाता की जरूरत होती है ।

टेलीफोन लाइन या वायरलेस तकनीक द्वारा कम्प्यूटर को इण्टरनेट सेवा प्रदाता के सर्वर से जोड़ा जाता है ।

इसके लिए हमें इण्टरनेट सेवा प्रदाता को शुल्क देनी पड़ती है ।

दुनिया के अनेक सर्वर सेटेलाइट या अन्य संचार माध्यमों द्वारा आपस में जुड़े रहते हैं ।

तथा सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव बनाते हैं ।

वर्ल्ड वाइड वेब के विकास तथा TCP/IPके द्वि स्तरीय ,

नियमों के परिपालन ने इण्टरनेट परिचालन को नया आयाम दिया है ।

इण्टरनेट की प्रमुख सुविधाएं

WWW यानी वर्ल्ड वाइड वेब, ,इलेक्ट्रॉनिक मेल,

सोशल नेटवर्किंग साइट,

वायस ओवर इण्टरनेट प्रोटोकॉल,

इण्टरनेट प्रोटोकॉल टीवी,

ई कामर्स, चैटिंग,

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग,

आनलाइन शापिंग आजकल यही इण्टरनेट की प्रमुख सुविधाएं हैं ।

इण्टरनेट का विकास

इन्टरनेट की स्थापना का प्रथम विचार सर्वप्रथम 1962 में प्रोफेसर jc licklider ने दिया था ।

आज इन्हें इसी कारण इण्टरनेट का जनक कहा जाता है ।

इण्टरनेट का प्रारंभ 1969 में हुआ ।जब अमेरिका में रक्षा विभाग द्वारा arpanet का विकास किया गया ।

arpanet को दुनिया का पहला नेटवर्क कहा जाता है ।

जिसमें कुल चार दूरस्थ कम्प्यूटरों को जोड़ा गया था ।

इसके बाद अगले 20 वर्षों तक इण्टरनेट का प्रयोग रक्षा अनुसंधान तथा शिक्षा संस्थानों  में ही होता रहा ।

इण्टरनेट को पहली बार 1989 में आम जनता के लिए खोला गया था।

1990 में टिम बर्न ली ने WWW का विकास किया जिससे  इण्टरनेट को एक नया आयाम मिला ।

1993 में पहले ग्राफिक वेब ब्राउजर मोजाइक साफ्टवेयर के आविष्कार ने इण्टरनेट को नया आयाम दिया ।

इसे मार्क एंडरसन ने विकसित किया था ।

इण्टरनेट का मालिक कौन है?

इण्टरनेट सूचना तंत्र वास्तव में किसी व्यक्ति या संस्था  के नियंत्रण से बाहर होता है ।

इन्टरनेट पर अनेक संस्थानों, निगमों, सरकारी उपक्रमों, शिक्षण संस्थानों, व्यक्तिगत संस्थानों, तथा विभिन्न सेवा प्रदाताओं का थोड़ा थोड़ा स्वामित्व माना जा सकता है ।

इण्टरनेट की कार्यप्रणाली की देखरेख करने तथा उनके अंतरराष्ट्रीय मानक निर्धारित करने का कार्य ,

कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं करती हैं जो इन्टरनेट पर IP address तथा domain name प्रदान करने का भी काम करती हैं ।

ऐसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में प्रमुख हैं नेशनल साइंस फाउंडेशन ।

यह इण्टरनेट के मानक निर्धारित करती है ।icann आई पी एड्रेस तथा डोमेन नेम सिस्टम का यह मानक निर्धारित करता है ।

भारत में इण्टरनेट का विकास 

भारत में इण्टरनेट का विकास 80 के दशक में तब हुआ माना जाता है,

जब देश में पहली बार ernetके जरिए पांच प्रमुख संस्थानों को जोड़ा गया था ।

बाद में nic द्वारा देश के सभी जिला मुख्यालयों को जोड़ा गया ।

भारत में आम जनता के लिए इन्टरनेट सेवा का प्रारंभ 15 अगस्त 1995 को हुई थी ।

 

धन्यवाद

लेखक : के पी सिंह

26032018

 

 

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